काशी की मिठाई न खाई तो क्या खाया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई हस्तियां यहां के मीठे स्वाद की दीवानी रही हैं। डेढ़ सो साल पुराना श्रीराम भंडार मलाई गिलौरी, जवाहर लड्डू और तिरंगा बर्फी के लिए प्रसिद्ध है। तिरंगा बर्फी में रंग के लिए केसर और पिस्ता का इस्तेमाल किया जाता है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
नए प्रतिष्ठानों में रक्षाबंधन के लिए खास मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। इन्हें सजाने में भी खूब मेहनत की जाती है। न्यू बाबा बंगाली स्वीट्स, क्षीर सागर, राजबंधु, बंगाल स्वीट, मधुर मिलन, राजश्री आदि प्रतिष्ठानों पर मिठाइयों की सैकड़ों वेराइटी उपलब्ध हैं।
न्यू बाबा बंगाली स्वीट्स के राजेश यादव ने बताया कि काशी की तरह ही मिठाइयों का इतिहास भी सैकड़ों साल पुराना है। कैटरर प्रभाकर यादव ने बताया कि काशी की मिठाइयां अपने खास स्वाद की वजह से अलग पहचान रखती हैं।
मलाई से बनने वाली मिठाइयों में मलाई गिलौरी, मलाई रोल, मलाई बर्फी, ड्राईफ्रूट्स में काजू अंजीर, काजू चाकलेट बर्फी, काजू बाइट, काजू जलेबी, काजू लड्डू, काजू कलश, काजू रोल, काजू स्ट्राबेरी, काजू गजग, काजू सोनपापड़ी खास हैं। पर्वल और आलू से भी खास मिठाइयां बनती हैं।