अन्नपूर्णा मंदिर में मां की सजी अन्नकूट की झांकी और स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन के लिए बुधवार को भक्तों की रात तक भीड़ रही। मां को 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद भोग में अर्पित किया गया।
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मां अन्नपूर्णा का पूजन करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला
पांच दिवसीय स्वर्ण प्रतिमा के दर्शन के आखिरी दिन मंडप में भव्य माता का दरबार अन्न से सजाया गया। मंदिर के महंत शंकर पुरी के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों ने माता का विशेष शृंगार कर आरती उतारी। मां के अन्नकूट शृंगार के दर्शन के लिए रात 11 बजे तक भीड़ रही। भोग आरती के बाद अन्नकूट के प्रसाद के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
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धर्मसंघ में घर की रसोई में बने प्रसाद से लगा भोग।
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हरिद्वार से आए शिवानंद गिरि ने भक्तों को खुद प्रसाद बांटा। उन्होंने कहा कि मां के अन्नकूट दर्शन करने से भक्त का अन्न भंडार कभी खाली नहीं होता। मंदिर के प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि इन पांच दिनों में मां के स्वर्णमयी प्रतिमा के करीब 10 लाख भक्तों ने दर्शन किए। पूजन में प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेंद्र सिंह, राकेश तोमर आदि का सहयोग रहा।
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अन्नकूट शृंगार ने मोहा भक्तों का मन।
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लड्डुओं से मां अन्नपूर्णा और जय श्रीराम लिखा : लड्ड्ओं से मां अन्नपूर्णा और जय श्रीराम लिखा गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। भोग में मगदल, बालूशाही, खुरमा, चंद्रकला, काजू बर्फी, काजू बिस्किट, बादाम बर्फी, अंजीर हलवा, बादामहलुवा, मूंग हलुआ, काजू नमकीन, पंचमेवा नमकीन के अलावा पांच प्रकार की दाल, चावल 16 प्रकार के पकौड़े आदि शामिल थे।
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गणेश भगवान का लगा भोग।
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21 क्विंटल मिठाई से हुआ श्रीविश्वेश्वर महादेव का शृंगार
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में अन्नकूट पर्व का श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया गया। विविध प्रकार के 21 क्विंटल मिष्ठानों से भगवान श्रीविश्वेश्वर महादेव का शृंगार हुआ। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही। छेना, बूंदी के लड्डू, काजू कतली, मेवा के लड्डू तथा अन्य पारंपरिक मिठाइयों से धाम में अन्नकूट की झांकी सजी।