स्पंदन के पांच दिनों तक चली प्रतियोगिताओं के रिजल्ट बुधवार को एंफीथिएटर ग्राउंड में घोषित कर दिए गए। दृश्य कला संकाय सर्वोच्च सम्मान पाकर स्पंदन चैंपियन का खिताब जीत लिया। महिला महाविद्यालय की लड़कियां दूसरा स्थान हासिल कर उपविजेता बनीं। कला संकाय को दूसरा उपविजेता घोषित किया गया।
इन टीमों को उनके 20 से ज्यादा कलाओं में बेहतर अंक हासिल करने के चलते विजेता घोषित किया गया। सांत्वना के तीन पुरस्कारों में लड़कियों के दो कैंपस रहे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि प्रतियोगिताएं एक ओर विजय जश्न का तो हार निराशा पैदा कर देती है। मगर वे सीख और विकास का माध्यम ही होती हैं।
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गायन प्रस्तुत करतीं छात्राएं।
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‘विष्णु अवतार’ का लाइव प्रसारण
अंतर-संकाय युवा महोत्सव के समापन पर कुल आठ शानदार प्रस्तुतियां हुईं। संगीत खंड का शुभारंभ प्रदर्शन कला संकाय ने पश्चिमी समूह गीत से किया गया। बाद में महिला महाविद्यालय और वसंत कन्या महाविद्यालय ने भारतीय समूह गीत प्रस्तुत किए। कोरियोग्राफी खंड में आरजीएससी ने ‘विष्णु अवतार’ का लाइव प्रसारण किया।
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स्पंदन में झूमते छात्र-छात्राएं।
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इसमें भगवान विष्णु के कई अवतारों को दिखाया गया। कला संकाय ने शास्त्रीय एकल गायन पर प्रस्तुति दी। दृश्य कला संकाय ने केरल की लोक-जनजातीय नृत्य की प्रस्तुति दी। आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने बिहार लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। एमएमवी ने “7 स्टेजेज ऑफ एनलाइटनमेंट” शीर्षक से प्रस्तुति देकर मानव आत्मा की आध्यात्मिक यात्रा को रचनात्मक रूप में अभिव्यक्त किया।
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छात्राओं ने नृत्य की दी प्रस्तुति।
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रीमिक्स इरा में लेकर गया म्यूजिक मंत्रा
म्यूजिक मंत्रा बैंड ने फ्यूजन और ऑर्केस्ट्रा से युवा दर्शकों को खूब झूमाया। डॉ. आलोक द्विवेदी की टीम ने भोले ओ भोले से संध्या कार्यक्रम की शुरुआत की। रोते हुए आते हैं सब और नीले नीले अंबर सुनाकर दर्शकों को पुराने गानों के रीमिक्स इरा में लेकर चला गया। खईके पान बनारस वाला और मैं हूं डॉन के साथ और ज्यादा बढ़ गया। समापन समारोह के संयोजक प्रो. भुवन चंद्र कापड़ी और सह-संयोजक प्रो. आरती निर्मल भी मौजूद रहीं।
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अंतर संकाय युवा महोत्सव में दी गई प्रस्तुति।
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पूर्व निर्धारित किया जाए वार्षिक कैलेंडर
स्पंदन 2026 के संयोजक प्रो. भुवन चंद्र कापड़ी ने कहा कि महोत्सव के लिए वार्षिक कैलेंडर पूर्व निर्धारित किया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। सह-संयोजक प्रो. आरती निर्मल ने कई प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की, जबकि प्रो. कापड़ी ने औपचारिक रूप से चैंपियनशिप के रिजल्ट को मंच पर रखा। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को उत्साहपूर्ण सहभागिता और सामूहिक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय में एकता और सृजनात्मकता की भावना को मजबूत बनाते हैं।