अरविंद की सनक ने अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। हत्या के बाद अरविंद मुठभेड़ में मारा गया। बेटे की भी मौत हो गई। बड़े भाई सुनील सिंह की पहले ही हत्या हो चुकी है। अब परिवार में सात बच्चियां और महिलाएं ही बची हैं। इनमें अरविंद की दो बेटियां भी शामिल हैं। परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है। परिवार में दिवंगत सुनील की पत्नी और उनकी तीन बेटियां, अरविंद की दो बेटियां और मां ही हैं। अरविंद के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। अब बच्चों और परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी सुनील की पत्नी व उसकी सास पर आ गई है।
शंभूपुर हत्याकांड: अरविंद के ऊपर सवार हो जाती थी सुनील की आत्मा, परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा; जलीं चिताएं
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Thu, 24 Sep 2026 05:49 AM IST
सार
शंभूपुर हत्याकांड के बाद परिवार में सात बच्चियां और महिलाएं रह गई हैं। परिवार में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। बबिता की मां के अनुसार, अरविंद के ऊपर सुनील की आत्मा सवार हो जाती थी। घटना में हत्यारोपी की 10 वर्षीय बेटी की बांह में गोली लगी है। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है।
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