LPG Crisis in India: जिले में गैस सिलिंडर की समस्या ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पिछले पांच दिनों से रसोई गैस की किल्लत नजर आ रही है। इसके कारण एजेंसियों पर सुबह से लाइन लग जा रही है और दिनभर उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। सर्वर की समस्या, बुकिंग न होना, केवाईसी पेंडिंग जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को दो-चार होना पड़ रहा है।
प्रशासन का कहना है कि एजेंसियां लोगों के घरों तक होम डिलीवरी करा रही हैं। बावजूद इसके कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जो जबरन गैस सिलिंडर क्राइसिस को हवा दे रहे हैं। इनके पास एक सिलिंडर पहले से होने के बावजूद दो और स्टॉक रखने के लिए व्याकुल हैं। इस कारण दिनभर एजेंसियों पर किचकिच हो रही है। शहर से लेकर गांव तक लगभग हर गैस एजेंसी एक ही समस्या से जूझ रही है, वह है सर्वर क्रैश।
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गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े उपभोक्ता।
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उपभोक्ता घंटों मोबाइल फोन लेकर बैठे हैं, लेकिन आईवीआरएस या ऑनलाइन पोर्टल पर उपभोक्ता आईडी नहीं मिली या नेटवर्क व्यस्त का संदेश मिल रहा है। पर्यटन और कारोबार पर भी संकट की स्थिति है। सारनाथ जैसे प्रमुख स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के बड़े समूहों को भोजन के लाले पड़ गए हैं। महाराष्ट्र से आए 55 सदस्यीय दल के टूर लीडर प्रशना ने बताया कि बनारस में कई बार आने पर हर बार गैस सिलिंडर आसानी से मिल जाता था, लेकिन इस बार गैस न मिलने के कारण पूरे समूह को बिस्कुट, चूड़ा और नमकीन खाकर दिन गुजारना पड़ा।
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ट्रक से गैस सिलिंडर उतारता मजदूर।
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सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत : कछवा रोड के उपभोक्ताओं ने इस अव्यवस्था की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी की है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जहां एक तरफ आम आदमी बुकिंग के लिए तरस रहा है, वहीं कुछ प्रभावशालियों को ऊंचे दामों पर सिलिंडर मुहैया कराए जा रहे हैं।
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एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते उपभोक्ता।
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कोयले के दाम में उछाल, 22 से बढ़कर 27 रुपये किलो हुआ
गैस सिलेंडर की कमी के बीच अब फुटकर बाजार में बिकने वाले कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। पहले करीब 22 रुपये प्रति किलो बिकने वाला कोयला शुक्रवार को बढ़कर 27 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। अचानक बढ़ी कीमतों ने चाय, हलवाई और छोटे भोजनालय चलाने वालों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उनका रोज़मर्रा का काम इसी पर निर्भर है। भदऊचुंगी पर चाय की दुकान चलाने वाले मंजू और बब्बू ने बताया कि वे वर्षों से कोयले की भट्ठी पर ही चाय बनाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि पहले कभी कोयले के दाम में एक साथ पांच रुपये की बढ़ोतरी नहीं हुई थी।
हेल्पलाइन नंबर जारी बनाए गए कंट्रोल रूम
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घर पर सिलिंडर ले जाते दंपती।
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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों की टीम गठित की है।
- सुषमा देवी (क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी) नोडल अधिकारी - 8546028030
- कृष्णा शर्मा (आपूर्ति लिपिक) - शिकायत पंजीकरण - 9648535561
- सुकेश शर्मा (आपूर्ति लिपिक) - शिकायत पंजीकरण 8318343863