लोकनृत्य की सतरंगी छटा से बीएचयू के अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन 2017 की चौथी सुबह सजी। सुबह करीब दस बजे से एंफीथिएटर पंडाल में अलग-अलग प्रांत और राज्यों के लोकनृत्य और आदिवासी नृत्य से प्रतिभागियों ने न सिर्फ समां बांधा बल्कि नृत्य प्रतिभा भी बखूबी प्रदर्शित की। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
सोशल साइंस की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य, जिसके बोल थे ‘...बन्ना रे घूमर पे’ के जरिए मनोरम लोक संस्कृति को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया।
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इसी तरह प्रबंध शास्त्र संस्थान की छात्राओं ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। वसंत कन्या महाविद्यालय ने पंजाबी तो दृश्य कला संकाय ने गुजराती नृत्य पेश किया।
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नृत्य संगीत संग अभिनय की प्रतिभा भी ‘स्पंदन’ में निखरी। केएन उडुप्पा सभागार में एक्सप्रेशंस और माइम प्रतियोगिता हुई। माइम में आयुर्वेद संकाय ने ‘पर्यावरण’, सोशल साइंस के प्रतिभागियों ने ‘बेटी बचाओ’ थीम पर बेहद भावपूर्ण ढंग से बिन बोले गहरा संदेश दिया।
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उधर स्वतंत्रता भवन में दहेज प्रथा, भगत सिंह की सोच, आजादी, आर्यावर्त का इतिहास जैसे विषयों पर लघु नाटिका का मंचन कर अपनी अदाकारी से दर्शकों को मुरीद बना लिया। सीनेट हाल में काव्यपाठ हुआ।