फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan 2022: सावन भर सारंगनाथ संग सारनाथ में विराजते हैं काशी विश्वनाथ, दर्शन-पूजन से मनोकामनाएं होती है पूरी

Sat, 16 Jul 2022 10:13 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 16 Jul 2022 10:13 AM IST
सार

मंदिरों के शहर बनारस के हर मंदिर और शिवलिंग की कहानियां अलग-अलग हैं। शहर से 10 किलोमीटर पूर्वोत्तर में विराजते हैं सारंगनाथ महादेव। सारंगनाथ महादेव मंदिर में भगवान शिव अपने साले ऋषि सारंगनाथ के साथ विराजमान हैं।

विज्ञापन
Sawan 2022 Kashi Vishwanath resides in Sarnath with Sarangnath throughout Sawan month  wishes are fulfilled by darshan pujan
सारंगनाथ महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिरों के शहर बनारस के हर मंदिर और शिवलिंग की कहानियां अलग-अलग हैं। शहर से 10 किलोमीटर पूर्वोत्तर में विराजते हैं सारंगनाथ महादेव। सारंगनाथ महादेव मंदिर में भगवान शिव अपने साले ऋषि सारंगनाथ के साथ विराजमान हैं। मान्यता है कि सावन में काशीपुराधिपति काशी छोड़कर यहीं पर निवास करते हैं। 



श्री काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सावन में सारंगनाथ के दर्शन पूजन और जलाभिषेक से उतना ही पुण्य मिलता है। जितना काशी विश्वनाथ मंदिर में मिलता है। भगवान श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति के साथ ही चर्मरोग से मुक्ति देते हैं।

मान्यता है कि जो कोई चर्मरोग से ग्रसित है वह यहां गोंद चढ़ाता है तो उसे इससे मुक्ति मिल जाती है। गर्भगृह में दो शिवलिंग है। एक शिवलिंग आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित किया गया है। मान्यता है कि एक भगवान भोले नाथ है तथा एक उनके साले सारंगदेव महाराज है। 
 

Sawan 2022 Kashi Vishwanath resides in Sarnath with Sarangnath throughout Sawan month  wishes are fulfilled by darshan pujan
सारंगनाथ महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
सारंग ऋषि ने की थी यहां कठोर तपस्या
सारंग ऋषि दक्ष प्रजापति के पुत्र थे और अपनी बहन सती से मिलने जब काशी आए तो उन्होंने घोर तपस्या की। तपस्या के कारण उनके शरीर पर छाले पड़ गए। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने सारंग ऋ षि को दर्शन दिया। वरदान मांगने को कहने पर सारंग ऋषि कहते हैं कि आप हमारे साथ यहीं रहिए। जिस पर भगवान शिव कहते हैं कि पूरे सावन मैं तुम्हारे साथ यहीं पर रहूंगा।
Sawan 2022 Kashi Vishwanath resides in Sarnath with Sarangnath throughout Sawan month  wishes are fulfilled by darshan pujan
सारंगनाथ महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है कि सावन में बाबा विश्वनाथ यहां निवास करते हैं और जो भी व्यक्ति सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन नहीं कर पाता वह एक दिन भी यदि सारंगनाथ का दर्शन करेगा उसे काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के बराबर पुण्य मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Sawan 2022 Kashi Vishwanath resides in Sarnath with Sarangnath throughout Sawan month  wishes are fulfilled by darshan pujan
सारंगनाथ महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

 शिव भक्तों के लिए सावन बेहद महत्वपूर्ण होता है। महाशिवरात्रि व सावन में पूजा करके महादेव का जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव की नगरी काशी की बात तो और भी निराली है। यहां के कण-कण में भगवान शंकर विराजमान रहते हैं। 

विज्ञापन
Sawan 2022 Kashi Vishwanath resides in Sarnath with Sarangnath throughout Sawan month  wishes are fulfilled by darshan pujan
श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे कांवड़ियां - फोटो : अमर उजाला
इधर, सावन के दूसरे दिन श्री काशी विश्वनाथ का धाम बोल-बम के घोष से गूंजता रहा। मंदिर परिक्षेत्र में कांविड़यों व शिवभक्तों के आगमन की तैयारियां अनवरत जारी हैं। चौक और गोदौलिया जाने वाले मार्ग पर दोनों तरफ स्टील की बैरिकेडिंग लगाने का काम भी पूरा हो गया है। मंदिर चौक पर भी श्रद्धालुओं के वाटर प्रूफ टेंट लगा दिया गया है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed