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स्वामी अड़गड़ानंद के आश्रम में गोलीबारी: खुद को गोली मारने वाले बाबा पर बड़ा खुलासा, इस कहानी से सभी हैरान

Sat, 30 Jul 2022 11:37 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 30 Jul 2022 11:37 AM IST
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Sakteshgarh Ashram Firing Case adgadanand maharaj Jeevan Baba had escaped from Gwalior Central Jail
घायल आशीष बाबा, स्वामी अड़गड़ानंद महाराज, खुदकुशी करने वाले जीवन बाबा - फोटो : अमर उजाला

स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में गुरुवार को दूसरे बाबा को गोली मारने के बाद आत्महत्या करने वाले जीवन बाबा उर्फ जीत (45) ने वर्ष 1998 में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दीवान के बेटे की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद था। कुछ समय बाद वह वहां से फरार हो गया था। हत्या की वारदात के समय उसकी उम्र लगभग 21 वर्ष थी।



जीवन बाबा मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ग्राम छितरी का रहने वाला था। उसका मूल नाम जितेंद्र वैश था। जितेंद्र के भाई भीम ने बताया कि पिता सीताराम पुलिस विभाग में कार्यरत थे। परिवार के लोग शिवपुरी पुलिस लाइन में रहा करते थे। भीम और शिवपुरी जिले के देहात कोतवाली प्रभारी विकास यादव ने बताया कि वर्ष 1998 में एक दिन एसपी आफिस में कार्यरत दीवान रामअवतार भदौरिया के बेटे संजू ने शराब के नशे में जितेंद्र के पिता की कॉलर पकड़ ली थी। 

Sakteshgarh Ashram Firing Case adgadanand maharaj Jeevan Baba had escaped from Gwalior Central Jail
जीवन बाबा का भाई - फोटो : अमर उजाला
इससे भड़के जितेंद्र ने साथियों के साथ मिलकर पुलिस लाइन में चाकू से गोदकर संजू की हत्या कर दी। इस मामले में वह दो साल तक शिवपुरी जेल में रहा। इसके बाद जितेंद्र को ग्वालियर सेंट्रल जेल भेजा गया। दो साल यहां रहा और एक दिन जेल की चहारदीवारी फांदकर भाग गया। 

 
Sakteshgarh Ashram Firing Case adgadanand maharaj Jeevan Baba had escaped from Gwalior Central Jail
सक्तेशगढ़ आश्रम में गोलीबारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस तलाश करती रही पर हाथ न लगा। इसके बाद जितेंद्र कभी-कभी परमहंस आश्रम आने-जाने लगा। कुछ दिन बाद आश्रम में ही रहने लगा। उसके खिलाफ शिवपुरी जिले के थानों में मारपीट के भी मुकदमे दर्ज हैं। छह माह पहले आशीष व अन्य पर तेल फेंकने के बाद उसे आश्रम से निकाल दिया गया था।  
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Sakteshgarh Ashram Firing Case adgadanand maharaj Jeevan Baba had escaped from Gwalior Central Jail
सक्तेशगढ़ आश्रम के बाहर मिर्जापुर एसपी समेत अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
1998 में संजू भदौरिया की हत्या मामले में 12 लोग आरोपी थे। इसमें एक जितेंद्र वैश भी था। जितेंद्र (जीवन) को 2000 में सजा हुई थी। 2009 में वारंट भी जारी हुआ था।
-राजेश सिंह चंदेल, एसपी शिवपुरी
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Sakteshgarh Ashram Firing Case adgadanand maharaj Jeevan Baba had escaped from Gwalior Central Jail
सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम की घटना - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अड़गड़ानंद से मिला जीवन बाबा का परिवार
आश्रम में गोली कांड की जानकारी होने के बाद जीवन बाबा के चारों भाई धर्मेंद्र, राजेंद्र, भीम और अर्जुन शुक्रवार सुबह पांच बजे  सक्तेशगढ़ स्थित आश्रम पहुंचे। वहां पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज से मिले। 
 
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