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...जब रईस बनारसी ने पुलिस की वर्दी में की थी पेट्रोल पंप संचालक की हत्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:10 PM IST
rais banarasi
- फोटो : amar ujala
बनारस में मारा गया 50 हजार का इनामी रईस बनारसी उस समय चर्चा आया जब कानपुर में नवंबर 2011 में उसने अपने भाई के हत्यारे शानू ओलांगा की हत्या गुड्डू मामा और एक अन्य बदमाश के साथ मिलकर की थी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद गुड्डू मामा की मदद से रईस का नाम कानपुर से बनारस तक के कुख्यात बदमाशों में शुमार हो गया। सपा के पूर्व पार्षद विजय जायसवाल के कर्मचारी के भाई की हत्या और उनके घर पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार गुड्डू मामा इन दिनों भदोही की जेल में है।
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रईस पुलिस की वर्दी में असलहों की तस्करी करने और लूट के लिए भी जरायम जगत में हनक करता था। रईस ने बनारस में 2007 में मलदहिया क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक की हत्या कर लूटपाट की थी। पकड़ा गया तो पता लगा कि वारदात को उसने पुलिस की वर्दी पहन कर अंजाम दिया था।
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- फोटो : amar ujala
इसके बाद 2010 और 2011 में जैतपुरा, आदमपुर, भेलूपुर, चेतगंज, सिगरा, कोतवाली और कानपुर में रईस का नाम हत्या, लूट और डकैती के डेढ़ दर्जन मामलों में सामने आया। रईस कानपुर की कुख्यात डी-2 गैंग की तरह पूर्वांचल में अपना गैंग बनाना चाहता था और काफी हद तक इसमें सफल भी रहा।
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- फोटो : amar ujala
मुखबिरों से रईस नफरत करता था और इसी वजह से उसने अपने साथी दीपू वर्मा की हत्या कर दी थी। नवंबर, 2015 में रईस का नाम भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या में भी सामने आया था। इन दिनों वह खालिसपुरा, लोहता, मिर्जापुर और इलाहाबाद के नैनी में रह रहा था। सपा सरकार में पूर्वांचल के एक विधायक को रईस का सरपरस्त बताया जाता था।