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जाड़ा वाली रात में हुई माघी बरसात, पूर्वांचल को ठंड से नहीं मिलेगी निजात, देखें तस्वारें

Sat, 09 Feb 2019 10:23 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Sat, 09 Feb 2019 10:23 AM IST
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Rain in february cold and temprature goes down in varanasi
- फोटो : amar ujala

'जाड़ा वाली रात रहे, माघी बरसात रहे' भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव का यह गीत पूर्वांचल में हुई झमाझम बारिश पर सटीक बैठ रहा है। जब माघ का महीना सावन का एहसास देने लगे तो ऐसे में तापमान का तो गिरना बनता है। इस बेमौसम की बरसात से राहत आने वाले दो दिनों तक तो शायद ही मिल पाए। बनारस के इस मौसम का विदेशी सैलानियों ने खूब लुत्फ उठाया। आगे स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

Rain in february cold and temprature goes down in varanasi
- फोटो : amar ujala

पिछले एक सप्ताह से तेज धूप के बाद गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद बादल छाए, तेज हवा चली और फिर बारिश शुरू हो गई। गरज चमक के साथ देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका अधिकतम तापमान भी लुढ़क कर 13 पर आ पहुंचा। 

Rain in february cold and temprature goes down in varanasi
- फोटो : amar ujala

बीते दो दिन से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। बुधवार से दिन में हवा चलने लगी। गुरुवार सुबह चटख धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। अपराह्न करीब तीन बजे घने बादल छाए तो लगा शाम हो गई। इसके बाद तेज हवाओं के साथ लंका, सुंदरपुर, अस्सी, लहरतारा, भेलूपुर, सिगरा, लहुराबीर आदि इलाकों में बारिश होने लगी। रुक-रुक कर देर रात तक बारिश होती रही। 

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Rain in february cold and temprature goes down in varanasi
- फोटो : amar ujala

मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम बदला है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से नौ फरवरी तक मौसम ऐसे ही बना रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक राजीव बाटला के मुताबिक, बारिश की वजह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी भी आएगी। 

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Rain in february cold and temprature goes down in varanasi
- फोटो : amar ujala

मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरके शर्मा के मुताबिक, पहले बारिश और फिर धूप होने से सर्दी, खांसी, बुखार का खतरा रहता है। वायरल फीवर, अकड़न, सांस, दमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश में भीगने से बचना चाहिए। सुबह और शाम पूरे कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है, विशेषकर बच्चों की सेहत पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

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