देश रो रहा है जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जवानों पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले पर। गुरुवार को इस हमले में देश ने 40 जवानों को खो दिया है। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हमले में बनारस और चंदौली के दो जवान शहीद हो गए है। चंदौली के बहादुर शहीद अवधेश का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह आठ बजे उनके पैतृक गृह पहुंचा। आगे की स्लाइड्स देखें...
शनिवार सुबह जब शहीद जवानों का शव वाराणसी के मोहनसराय पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे लगाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोग भोर से ही शहीदों के आने का इंतजार कर रहे थें। सीआरपीएफ के जवान अवधेश यादव का शव अपने वाहन में लेकर चंदौली के बहादुरपुर रवाना हो गए।
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awdesh yadav
- फोटो : amar ujala
शहीद अवधेश के काफिले के आगे और पीछे लोगों का हुजूम चल रहा था। सभी एक स्वर में 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्', 'अवधेश भैया अमर रहें' के नारे लगा रहे थें। शहीद का शव घर पहुंचते ही रुंदन ध्वनि से पूरा बहादुरपुर गूंज उठा। अवधेश की पत्नी शिल्पी यादव शव से लिपट गई। आसपास खड़े लोगों ने उन्हें संभाला।
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इसके बाद जब शहीद की शव यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकली तो एक काफिला ही बन गया। हर कोई शहीद अवधेश के अंतिम सफर में उनके पीछे हो लिया। यह शव यात्रा बहादुरपुर के श्मशान घाट पर जा कर खत्म हुई। शवयात्रा तो खत्म हो गई लेकिन लोगों द्वार नारा लगाने का सिलसिला चलता ही रहा। वहां पर अंत्येष्टि को पूरी विधि के साथ संपन्न कराने के इंतजाम प्रशासन ने पहले से ही किए हुए थे।
हरिकेश यादव अपने जिगर के टुकड़े अवधेश को नम आंखों के साथ मुखाग्नि दिए। इस दौरान हर किसी की आंखों से आंसू निकल पड़े, लेकिन लोगों का हौसला बढ़ता गया और अवधेश यादव अमर रहें के गूंज की ध्वनि दोगुनी हो गई।