होली से पहले बना अद्भुत संयोग, जीवन में खुशहाली लाने के लिए करें ये काम
शिव पुराणों में उल्लेख है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई व्रत हैं, जिसमें दो व्रत सबसे महत्वपूर्ण हैं- प्रदोष और शिवरात्रि का व्रत। प्रदोष व्रत से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है और सभी दोषों से मुक्ति मिलती है। हर माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी यानी 13वीं तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। सूर्यास्त और रात के बीच का जो वक्त होता है उसे प्रदोष काल माना जाता है। काशी के ज्योतिषविद् विमल जैन के अनुसार प्रदोष का मुहूर्त 18 मार्च सोमवार शाम 5:44 से 19 मार्च मंगलवार को 2:19 तक है। 18 मार्च को सोमवार होने के फलस्वरूप व्रत सोमवार को रखा जाएगा। सोमवार शिव जी का प्रिय दिन है, जिससे यह व्रत सोम प्रदोष व्रत माना जारहा है। जो आपके लिए बेहद शुभकर हो सकता है।
ज्योतिषविद् विमल जैन ने बताया कि व्रत करने वाले व्यक्ति को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान ध्यान करके अपने आराध्य देवी देवता की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद दाहिने हाथ में फूल, फल और कुश लेकर प्रदोष व्रत का संकल्प लेना चाहिए। पूरे दिन निराहार व्रत रखना चाहिए और शाम के समय फिर से स्नान करके साफ कपड़े पहनना चाहिए। पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव की पूजा- पंचोपचार, दशोपचार, षोडशोपचार से करना सही माना जाता है। भगवान शिव का अभिषेक करके उन्हें वस्त्र, आभूषण, बेलपत्र, कनेर, धतूरा, मदार, ऋतु फल, नैवेद्य आदि अर्पित करके उनका श्रृंगार करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर आरती करनी चाहिए।
परंपरा के अनुसार कहीं-कहीं पर जग जननी माता पार्वती की भी पूजा करने का विधान है। शिव भक्त अपने मस्तक पर भस्म और तिलक लगाकर ही शिवजी की पूजा करें। इससे पूजा जल्दी फलकारी सिद्ध होगी। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष स्तोत्र का पाठ और स्कंदपुराण में वर्णित प्रदोष व्रत कथा को पढ़ने या सुनने से व्रत पूर्ण होता है। प्रदोष व्रत महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फलदायी होता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन में नहीं सोना चाहिए। अपनी दिनचर्या को नियमित और संयमित रखते हुए विधि-विधान से पूजा करना चाहिए। अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को दान देना चाहिए साथ ही गरीबों और असहयोग की सेवा करने से जीवन में आरोग्य के साथ ही सुख समृद्धि और खुशहाली मिलती रहेगी।
दिनों के अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ
हर दिन के प्रदोष व्रत का अलग-अलग प्रभाव होता है। साल भर में 11 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। दिनों के अनुसार सात व्रत बताए गए हैं- जैसे रविवार को प्रदोष व्रत करने से आयु आरोग्य सुख और समृद्धि मिलती है। वहीं, मंगलवार को प्रदोष व्रत करने से शांति और रक्षा तथा आरोग्य और सुख में वृद्धि होती है। मंगलवार को प्रदोष व्रत करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। बुधवार को प्रदोष व्रत करने से मनोकामना पूरी होती है। गुरुवार को प्रदोष व्रत करने से विजय और लक्ष्य की प्राप्ति होती है। शुक्रवार को प्रदोष व्रत करने से आरोग्य सौभाग्य और मनोकामना की पूर्ति होती है। शनिवार को प्रदोष व्रत करने से सुख की प्राप्ति होती है।