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पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर, वो बातें जो अब तक नहीं जानते आप

Wed, 12 Dec 2018 10:41 AM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Wed, 12 Dec 2018 10:41 AM IST
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PM modi dream project kashi vishwanath dream project story
kashi vishwanath corridor - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी कहिए, काशी कहिए या कहिए बनारस। विश्व के प्राचीन शहरों में से एक यह शहर इन दिनों काफी चर्चा में है।  इस शहर को आस्था, राजनीति और इतिहास का संगम कहा जाता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और उनके ड्रीम प्रॉजेक्ट्स का शहर भी। पीएम मोदी के ही ड्रीम प्रोजेक्ट के कारण वाराणसी लगातार चर्चा में है। उस प्रोजेक्ट का नाम है काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर। हालांकि इसका नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आ गया है। इसके लिए गंगा घाट से लेकर मंदिर परिसर तक मकानों का ध्वस्तीकरण हो रहा है। कोई इसे बदलता बनारस कह रहा है तो कोई असली बनारस। तो आइए, जानते हैं बनारस के खाते में जुड़ी नई विरासत के बारे में…

 
PM modi dream project kashi vishwanath dream project story
kashi vishwanath corridor - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान समय में बनारस में विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने का काम चल रहा है ताकि मुख्य शहर की तंग गलियों से ट्रैफिक और जाम का दबाव कम किया जा सके। इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में भवन खरीदकर उनके ध्वस्तीकरण का कार्य हो रहा है और इसी कार्य के दौरान काशी की धरती और गलियों से अमूल्य धरोहर का पिटारा निकल रहा है। कॉरिडोर के निर्माण के लिए जिन भवनों की खुदाई चल रही है, उनमें प्राचीन मूर्तियों सहित पुरातन कलाओं और शैली में निर्मित मंदिर भी निकल रहे हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक में बिल्कुल काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह ढांचा निकला है। 

 
PM modi dream project kashi vishwanath dream project story
varanasi - फोटो : अमर उजाला
मंदिर कॉरिडोर के तहत चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान लोगों के घरों में कैद हो गए कई प्राचीन मंदिर अब एक-एक कर सामने आ रहे हैं। आपको बता दें कि मंदिर कॉरिडोर के लिए 182 भवनों को खरीदकर उनके ध्वस्तीकरण का कार्य इन दिनों वाराणसी में चल रहा है। इस दौरान 18वीं से 19वीं सदी के मध्य के कई अति प्राचीन मंदिर मिले हैं।ध्वस्तीकरण के दौरान एक ऐसा भी प्राचीन मंदिर मिला है जो विश्वनाथ मंदिर से हूबहू मिलता है। अब तक 40 से ज्यादा  छोटे-बड़े अति प्राचीन मंदिर सामने आ चुके हैं। प्राचीन मंदिरों के साथ कई दुर्लभ विग्रह भी सामने आए हैं।

 
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PM modi dream project kashi vishwanath dream project story
kashi vishwanath corridor - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर को विकसित करने के लिए 296 इमारतों की पहचान की गई, जिनका अधिग्रहण करके ध्वस्तीकरण किया जाएगा। अब तक 182 भवनों को खरीदने के साथ 50 से ज्यादा  इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया है। तीन हजार से ज्यादा मजदूर इस कार्य में लगे हैं। बाकी 112 इमारतों के अधिग्रहण व खरीद की प्रक्रिया जारी है।  कॉरिडोर बन जाने के बाद तीर्थयात्रियों को संकरी गलियों के सहारे विश्वनाथ मंदिर पहुंचने से मुक्ति मिल जाएगी। तीर्थयात्री सीधे मणिकर्णिकाघाट, जलासेन व ललिताघाट से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे। दिव्यांग तीर्थयात्री व वीआईपी ही छत्ताद्वार से प्रवेश करेंगे।

 
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PM modi dream project kashi vishwanath dream project story
kashi vishwanath corridor - फोटो : अमर उजाला
2017 के मई माह में पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और कहा कि इसे सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित किया जाए। प्रदेश की योगी सरकार ने दिसंबर 2017 में इस परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। अब तक इसके लिए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को 183 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत जो दुकानदार व किराएदार आ रहे हैं, उनके पुनर्वास की भी योजना है।




 
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