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निर्भया कांड: छह साल बाद भी बिटिया के गांव में वही दर्द, ग्रामीणों के छलके आंसू, ये कहा

Sun, 16 Dec 2018 03:32 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया Published by: utpal utpal Updated Sun, 16 Dec 2018 03:32 PM IST
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Nirbhaya kand people felling pain after six year of incident
varanasi - फोटो : अमर उजाला
छह साल पहले दिल्ली में दरिंदगी का शिकार हुई निर्भया की यादें आज भी उसके गांव में जिंदा हैं। आज बरसी पर उसके गांव में सन्नाटा है। घटना को लेकर गांव में आज भी आक्रोश बरकरार है। घटना को याद कर बिटिया के गांव में लोग सिहर उठते है। लोगों के जेहन में आज भी घटना जीवंत है।  बरसी पर गांव की महिलाओं ने बिटिया को श्रद्धांजलि दी और हत्यारों को जल्द फांसी देने की मांग की। निर्भया कांड की छठी बरसी पर उसके दादा का दर्द उनकी आंखों से साफ झलका। रुंधे गले से बोले कि छह साल में सब भूल गए। आगे की स्लाइड्स में देखें....


 
Nirbhaya kand people felling pain after six year of incident
गांव की महिलाओं ने निर्भया को अर्पित की श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित निर्भया के गांव में आज भी लोग दिल्ली में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात को याद कर कांप उठते हैं। इस गांव में निर्भया को लोग बिटिया कहते हैं।  गांव के लोगों का कहना है कि हम उस दर्द को कभी नहीं भूल सकते, जो निर्भया ने सहन किया। छठी बरसी पर भी लोग काफी मायूस रहे। गांव की कुछ महिलाएं के पीएचसी पर जुटीं और बिटिया को श्रद्धांजलि दी। महिलाओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि निर्भया कांड के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिलाने का काम करे ताकि निर्भया के परिजनों को न्याय मिल सके। हालांकि निर्भया के परिजन वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं। 
 
Nirbhaya kand people felling pain after six year of incident
nirbhaya - फोटो : अमर उजाला
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुई निर्भया हत्याकांड के छह साल पूरे होने को है लेकिन सरकार की ओर से किए गए वादे को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। वादा पूरा नहीं होने से गांव के लोगो में आक्रोश है। निर्भया की घटना को लेकर जहां पूरे देश में उबाल था वहीं जिले में स्थित बिटिया के गांव में सभी राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने दस्तक दी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री भी बिटिया के गांव पहुंचे थे और वादों की झड़ी लगाई थी।

 
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Nirbhaya kand people felling pain after six year of incident
varanasi - फोटो : अमर उजाला
 ग्रामीणों को लगा कि अब गांव का कायाकल्प हो जाएगा लेकिन छह साल भी कई वादे जहां अधूरे रह गए वहीं जो हुआ वह भी भ्रटाचार की भेंट चढ़ गई।  बिटिया के बाबा सेवानिवृत अध्यापक लालजी सिंह ने बताया कि एक मात्र अस्पताल बना वह भी आज तक अधूरा है, यहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। बताया जाता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर बिटिया के गांव को लोहिया ग्राम विकास योजना में शामिल किया गया लेकिन इसके बाद नहीं गांव का कोई विकास नहीं हो सका। 

 
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Nirbhaya kand people felling pain after six year of incident
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बिटिया के बाबा बताते हैं कि कुछ दिनों पहले गांव के प्राथमिक पाठशाला से गांव तक सीसी रोड बनाया गया जो 15 दिनों बाद ही ध्वस्त होने लगी और आज पूरी सड़क बर्बाद हो चुकी है। सरकार ने परिवार के पांच सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया जो धारा ही रह गया और किसी को नौकरी नहीं मिली। बिटिया के भाई को दिल्ली में नौकरी मिली जो दिल्ली सरकार ने दी। बताया कि  आज तक न तो बेटियों के लिए स्कूल बना और न ही कोई विकास के अन्य कार्य ही कराए गए।
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