Munshi Premchand Jayanti: कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145वीं जयंती गुरुवार को उनकी जन्मस्थली लमही में मनाई गई। नाटकों में मुंशी प्रेमचंद का साहित्य जीवंत हुआ। नाट्य संस्थाओं और स्कूली बच्चों ने प्रेमचंद की कहानियों से सामाजिक कुरीतियों, नारी की पीड़ा, अशिक्षा से उत्पन्न विसंगतियों को सशक्त भाव में दर्शाया।
मुंशी प्रेमचंद जयंती: साहित्य और नाटकों में जीवंत हुए कथा सम्राट, लमही में जले 500 दीप; दिखा मेले जैसा मंजर
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 01 Aug 2025 05:29 AM IST
सार
Varanasi News: कथा सम्राट की जयंती पर लमही में विभिन्न आयोजन हुए। विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने उनकी कहानियों का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट की ओर से साहित्यिक कार्यक्रम हुए।
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