महादेव के सिर पर अकबरी पगड़ी, तन पर खादी का कुर्ता और धोती और केसरिया बनारसी जरीदार साड़ी में सजीं गौरा। खप्पर की कालिमा सजाए मनोहारी रूप में बाबा और दुल्हन बनी गौरा को विदा करते काशीवासियों का हर-हर महादेव का जयघोष की गूंज। डमरुओं की ध्वनि, शंख की नाद और हवा में उड़ता रंग-बिरंगा गुलाल। जिधर देखिए बस लाल ही लाल गुलाल। रंगभरी एकादशी पर रजत पालकी में सवार बाबा विश्वनाथ जब गौरा को लेकर चले तो काशी की गलियों में भी आस्था की हिलोरें धूम मचाती रहीं।
तस्वीरें: गौरा का गौना कराकर लौटे महादेव, अड़भंगी बरातियों ने लगाए हर-हर महादेव के जयकारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 05 Mar 2020 08:35 PM IST
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