वाराणसी के सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर नितेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या के लिए लखनऊ में मारे गए डी-11 गैंग के शॉर्प शूटर गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ कन्हैया उर्फ डॉक्टर ने एक महीने तक रेकी की थी। उन दिनों गिरधारी शिवपुर क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में आजमगढ़ के एक सफेदपोश के फ्लैट में रहता था। नितेश की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर लंबे समय तक वायरल थी, जिसमें आजमगढ़ के उस सफेदपोश के अलावा जरायम जगत से जुड़े पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के चर्चित चेहरे भी थे।
30 सितंबर 2019 को शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में नितेश की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। बुलेटप्रूफ वाहन और अत्याधुनिक असलहे से लैस होकर चलने वाले नितेश की हत्या आसान बात नहीं थी। नितेश की हत्या के लिए अपने सफेदपोश आकाओं के कहने पर गिरधारी शिवपुर में आकर फ्लैट में रुका। फिर वह रोजाना नितेश के सारनाथ क्षेत्र स्थित घर से उसके पीछे लग जाता था और यह पता लगाता था कि वह कहां आता-जाता है।
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encounter girdhari
- फोटो : अमर उजाला
नितेश की हत्या पांडेयपुर में भी करने की योजना बनाई गई थी लेकिन वह बुलेटप्रूफ वाहन से नहीं उतरा तो घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका था। इसके बाद गिरधारी ने देखा कि नितेश जमीन संबंधी काम के लिए अक्सर शिवपुर स्थित सदर तहसील आता-जाता रहता है। इस पर नितेश को सदर तहसील में ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई।
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गोली मारकर हत्या।
- फोटो : अमर उजाला
30 सितंबर 2019 की दोपहर सदर तहसील से कामकाज निपटा कर नितेश अपने बुलेटप्रूफ वाहन में बैठने ही जा रहा था कि तभी उस पर गिरधारी और उसके साथी शूटर ने .30 बोर और 9एमएम के असलहे से अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों बदमाश आसानी से भाग निकले थे।
गिरधारी की मौत से पूर्वांचल के कई सफेदपोशों को मिला सुकून
शॉर्प शूटर गिरधारी की मौत से पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद के अलावा चंदौली, जौनपुर, मऊ और आजमगढ़ के कई सफेदपोशों को सुकून मिला है। सभी डरे हुए थे कि पुलिस की पूछताछ में अजीत और नितेश हत्याकांड में उनकी संलिप्तता की बात न सामने आ जाए। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरधारी तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर था। मुठभेड़ में मारे जाने से पहले अजीत और नितेश हत्याकांड से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां पूछताछ में उससे मिली थी। उन जानकारियों के जरिये पुलिस नए सिरे से तफ्तीश कर रही है।