सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में गुरुवार को नामांकन किया। नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उत्साह में जमकर आचार संहिता की धज्जियां उड़ाईं। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में कई बार धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस प्रशासन इनके आगे बेबस नजर आया। अखिलेश की जनसभा में गठबंधन का रंग भी देखने को मिला। तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में...
अखिलेश यादव गुरुवार सुबह 10 बजे ही कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे। जैसे ही अखिलेश पहुंचे कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया। पुलिस लाइन से जब अखिलेश का कारवां आगे बढ़ा तो कार्यकर्ता फूलों की बारिश करते हुए उनकी गाड़ी के साथ दौड़ने लगे।
पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए रिक्शा स्टैंड के पास बैरिकेडिंग और रस्सी लगाकर भीड़ को रोकने का प्रयास किया लेकिन अखिलेश की गाड़ी अंदर प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्का मुक्की करते हुए पहले सुरक्षा चक्र को तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे सुरक्षा चक्र पर भी जोर आजमाइश की लेकिन पुलिस बल की संख्या अधिक होने के कारण वह अपने इस मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
प्रशासन ने सपा कार्यकर्ताओं को रोकने की बजाए मीडिया कर्मियों को रोककर अपनी ताकत का एहसास कराया। किसी को भी कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट तक जाने की इजाजत नहीं दी गई। जब अखिलेश नामांकन दाखिल कर बाहर निकले तब काफी मशक्कत के बाद बातचीत के लिए मुख्य मुख्य गेट तक मीडियाकर्मियों को जाने की इजाजत मिली।
सपा कार्यकर्ताओं के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अखिलेश यादव 11:50 बजे नामांकन करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट चौराहे पर ही रोक दिया गया। कार्यकर्ता अखिलेश की एक झलक पाने के लिए वहां लगे पानी के टैंकर की छत पर चढ़ गए। 1:38 बजे जब अखिलेश नामांकन करके बाहर निकले तब तक कार्यकर्ता टैंकर की छत पर धूप की परवाह किए बगैर खड़े रहे।