लोकसभा चुनाव के अति महत्वपूर्ण वाराणसी संसदीय क्षेत्र पर दावेदारी के लिए 29 अप्रैल से ही सपा-बसपा गठबंधन में ऊहापोह जारी है। जिस तरह से सपा-बसपा गठबंधन इस सीट पर प्रत्याशी घोषित करने में ढुलमुल रवैया अपनाया हुआ है और राजनीतिक परिस्थितियों से जाहिर होता है कि या तो उनके पास पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ाने के लिए कोई बड़ा चेहरा नहीं है या तो फिर वाराणसी सीट को लेकर गठबंधन गंभीर नहीं है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
सपा प्रत्याशी तेजबहादुर का पर्चा हुआ खारिज, अब पार्टी के पास बचा वही पुराना विकल्प
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Wed, 01 May 2019 06:37 PM IST
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