फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

केदारनाथ सिंह स्मृति शेष: असुविधाओं के बावजूद भी गांव में आता था आनन्द

Wed, 21 Mar 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Updated Wed, 21 Mar 2018 10:32 AM IST
विज्ञापन
Kedarnath Singh memory related his family member and friends
kedarnath singh
मशहूर साहित्यकार व कवि डॉ. केदारनाथ सिंह के निधन से लोगों को गहरा आघात पहुंचा है। उनके गृह जिले बलिया में बचपन में उनके सहपाठी रहे आचार्य रमाशंकर तिवारी से मंगलवार को सुबह मिलने वाले लोगों से बस एक ही रट लगाए जा रहे थे कि कुछ भूल गया है, लगता है कि कुछ भूल गया है। आगे की स्लाइड्स में देखें... 
Kedarnath Singh memory related his family member and friends
kedarnath singh
अपने सहपाठी साहित्यकार की यादों को ताजा करते हुए कहा कि वे गांव आते थे तो बहुत प्रसन्न रहते थे। गांव आते ही कहते थे कि जब मैं गांव आता हूं तो लगता है मेरा बचपन लौट आया है। उन्हें सारी असुविधाओं के बाद भी गांव में खूब आनन्द आता था।
Kedarnath Singh memory related his family member and friends
kedarnath singh
बचपन को याद करते हुए आचार्य रमाशंकर तिवारी ने कहा कि मैं और केदारनाथ जी वाराणसी बीएचयू में पढ़ने के लिए एक ही ट्रेन पर एक साथ जाते थे। उस समय चकिया गांव में कोई विद्यालय नहीं था। जिस कारण तिवारी के मिल्की महाराज बाबा के पास प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांचवी तक का शिक्षा ग्रहण की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kedarnath Singh memory related his family member and friends
kedarnath singh
रमाशंकर तिवारी बताते है कि बाबा लक्ष्मण दास द्वाबा राष्ट्रीय इन्टर कालेज में पढ़ाई करने के बाद वे यूपी कालेज वाराणसी पढ़ने चले गए। वहां एक नम्बर हास्टल में उनका एक नम्बर रूम था। फिर बीएचयू में केदारनाथ ने साहित्यिक हिन्दी व मैंने संस्कृत का पढ़ाई पूरा किया। बाद में केदारनाथ जी ने पीएचडी भी की।
विज्ञापन
Kedarnath Singh memory related his family member and friends
kedarnath singh
साहित्यकार केदारनाथ सिंह के भतीजे शैलेश कुमार सिंह बताते है कि चाचा जी अंतिम बार अभी पिछले 20 नवम्बर को गांव आये थे और 28 नवम्बर तक गांव में ही रहे। वे वर्ष में दो से तीन बार गांव आते थे। जनवरी में जब दिल्ली में ज्यादा ठंड पड़ती थी उस समय वे अपनी बेटी के पास कोलकत्ता चले जाते थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed