कांवरियों के आने से भोले की नगरी काशी बम-बम हो गई। सावन की शुरुआत के साथ ही कांवरियों के आने का क्रम शुरू हो गया है। रेलवे स्टेशन से लेकर गंगा घाटों तक जगह-जगह कांवरिया दिखने लगे हैं। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
सुबह स्नान के साथ ही कांवरिया बाबा का जलाभिषेक करेंगे। वहीं शिवालयों को साफ-सफाई के बाद झालरों और फूलों से सजाया जा रहा है। मदार की माला, धतूरा, बेलपत्र आदि की दुकानें भी सज गई है। प्रमुख चौराहों पर लगे स्पीकर से ऊं नम: शिवाय सहित कई शिवभक्ति के गीत बजने लगे हैं।
रथयात्रा के पास कांवरिया शिविर के लिए चौकियां बिछाई गई हैं। उधर चितरंजन पार्क में भी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के आस पास के इलाकों चौक, गोदौलिया, बांसफाटक, मैदागिन, लक्सा, गिरजाघर में बैरिकेडिंग का काम हो गया है। विश्वनाथ मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन कराया गया।
कांवरियों के लिए मंदिर में मैट बिछाया गया है ताकि धूप में उनका पैर न जले। गेट नंबर चार पर नया प्रवेशद्वार बनाया गया था। सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है। अशक्त कांवरियों के लिए व्हील चेयर और ई रिक्शा लगाया गया है। महामृत्युंजय, केदारेश्वर, सारंगनाथ, मारकंडे महादेव मंदिरों में भी तैयारी पूरी हो गई है।
नए यात्री प्रतीक्षालय में रहेगी कांवरियों के लिए व्यवस्था :
सावन भर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए कैंट रेलवे स्टेशन के नए बने यात्री प्रतीक्षालय को कांवरिया शिविर का रूप दिया जाएगा। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु ट्रेन का इंतजार यहां कर सकेंगे। प्रतीक्षालय में बुनियादी सुविधाओं के साथ टिकट काउंटर और अस्थाई कैंटीन भी बनाई जाएगी। इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है।