बेटी के शव को 34 घंटे तक दरवाजे पर रखे रहे माता-पिता, जानिये क्या थी वजह
मात्र 17 की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली युवती का शव करीब 34 घंटे तक उसके घर के दरवाजे पर पड़ा रहा। मां-बाप, भाई और रिश्तेदारों से भरा पूरा परिवार होने के बाद भी लड़की का अंतिम संस्कार नहीं किया गया।
बेटी के अंतिम संस्कार न करने का कारण था मां-बाप का अंधविश्वास। एक ऐसा अंधविश्वास जो उसके बेटे ने पैदा किया था। उत्तर प्रदेश के जौनपुर और इलाहाबाद जिले की सीमा से लगे जंघई गांव में 17 साल की दीपिका खसरे से पीड़ित थी।
परिवार वाले बड़ी माता समझकर उसकी पूजा कर रहे थे। करीब एक सप्ताह बाद 29 मई को दीपिका की मौत हो गई। ओम प्रकाश का छोटा बेटा शिवम बहन की मौत के बाद विक्षिप्त जैसी हरकतें करने लगा। उसने कहा कि वह हनुमान जी है और लड़की की मौत नहीं हुई है।
शिवम ने कहा दौरे पर गई है बहन, जल्द लौट आएगी
शिवम ने कहा कि दीपिका दौरे पर गयी है। जैसे वापस आयेगी वह जिन्दा हो जायेगी। इसलिए इसे कोई छुए नहीं। शिवम की इस बात पर परिवारवाले भी आ गए। जब गांव के कुछ लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो मृत किशोरी के परिजन लाठी डण्डा लेकर दौड़ा लिए।
हनुमान का भक्त बताने वाले शिवम ने तोड़फोड़ शुरु कर दी। अपने मकान का बाहरी हिस्सा भी गिरा दिया। अपने कपडे मे आग लगा दी। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो 30 मई को देर शाम पहुंची पुलिस ने शव उठाने का प्रयास किया।
परिवार वालों ने पुलिस का विरोध किया जिससे वह सफल नहीं हो सकी। 31 मई को थानेदार ने महिला पुलिसकर्मी व बड़ी संख्या में फोर्स के साथ दोपहर 12 बजे शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।