{"_id":"5b9531ec867a557ec75177c1","slug":"ips-surendra-kumar-das-passed-away-mourning-in-his-native-village-at-ballia","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आईपीएस सुरेंद्र दास की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा, लोगों को याद आ रहा उनका वह वादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईपीएस सुरेंद्र दास की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा, लोगों को याद आ रहा उनका वह वादा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:43 AM IST
विज्ञापन
surendra das death
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहर खाने वाले आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने पांच दिन संघर्ष के बाद रविवार दोपहर दम तोड़ दिया। बुधवार से कानपुर के सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सुरेंद्र कुमार की मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। परिजन, पुलिस अफसर, डॉक्टरों की आंखें भी छलक पड़ीं। शाम को पोस्टमार्टम और पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुरेंद्र कुमार के शव को सरकारी शव वाहन से लखनऊ ले जाया गया। सोमवार को उनका लखनऊ में अंतिम संस्कार होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने जहर खा लिया
बलिया के भरौली गांव के मूल निवासी सुरेंद्र कुमार दास के मौत की खबर आते ही उनके गांव में सन्नाटा पसर गया। हर कोई इसकी जानकारी के लिए सुरेंद्र के पैतृक आवास पर जाकर उनके पट्टीदारों से जानकारी लेने का प्रयास करने लगे। सुरेंद्र के आवास पर पट्टीदार की महिलाएं व पुरुष मायूस होकर मौजूद रहे। हर कोई गांव के नौजवान आईपीएस अधिकारी की मौत से दुखी रहा।
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली
- फोटो : अमर उजाला
गांव के दक्षिण टोला निवासी रामचंद्र दास सेना में कैप्टन थे और सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने लखनऊ में आवास बना लिया। रामचंद्र दास सेना में तैनाती के दौरान अपने साथ पूरे परिवार को रखते थे। सुरेंद्र के चाचा श्याम नारायण दास की मानें तो बच्चों के बड़ा होने के बाद वह पूरे परिवार को लखनऊ में शिफ्ट कर दिए जहां सभी बच्चों की पढ़ाई लिखाई हुई। गांव पर पास पड़ोस में होने वाले किसी मांगलिक कार्य में ही रामचंद्र के परिवार का यहां आना जाना होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईपीएस सुरेंद्र दास की पुरानी तस्वीर
रामचंद्र सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद लखनऊ में करीब 20 साल पहले आवास बनवाया और स्थाई तौर पर रहने लगे। वर्तमान में रामचंद्र तो जिंदा नहीं है लेकिन उनकी पत्नी इंदू हैं। सुरेंद्र भी लखनऊ में रहते थे और यहीं से शिक्षा दीक्षा के बाद वर्ष 2014 में आईपीएस बने।
विज्ञापन
आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने जहर खा लिया
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को शाम को सुरेंद्र के घर पहुंचे गांव के लोगों ने बताया कि गांव का एक होनहार नौजवान चला गया। साथ ही कहा कि आईपीएस बनने के बाद सुरेंद्र वर्ष 2015 में चाचा के लड़के की शादी में आए थे। तब सुरेंद्र ने कहा था कि तैनाती मिलने के बाद प्रयास करुंगा कि आसपास जिले में आऊं ताकि अक्सर गांव आने का मौका मिलेगा, लेकिन यह वादा अधूरा ही रह गया। ग्रामीणों को उनका यह वादा याद आ रहा है।