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जर्मनी से साइकिल पर निकले दंपति पहुंचे काशी, बोले- दुनिया का हर बच्चा हो शिक्षित, भारत करे पहल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 05 Jan 2018 08:34 PM IST
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जर्मन शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग
- फोटो : अमर उजाला
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जर्मनी से साइकिल पर निकले शिक्षक दंपति इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग ने कहा कि काशी और भारत में हम शिक्षा की क्या अलख जगाएंगे, यह तो सूरज को दीपक दिखाने के समान होगा। काशी और भारत हर तरह की शिक्षा के लिए पहल करे। आगे की स्लाइड्स देखें...
जर्मन शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग
सभी की यह कोशिश होनी चाहिए कि दुनिया का हर बच्चा शिक्षित हो। जर्मन दंपति विश्व स्तर पर बाल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल यात्रा पर निकले हैं। अगस्त 2016 में वैश्विक भ्रमण पर निकले दंपती बुधवार को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने काशी पहुंचे।
जर्मन शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग
सरोद वादक पं. विकास महाराज ने पिपलानी कटरा पर इनका स्वागत किया। पिपलानी कटरा स्थित सरोद वादक पं. विकास महाराज के आवास पर दंपति ने बताया कि अब वे आस्ट्रेलिया जाएंगे। अब तक 17 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर चुके हैं और लगभग इतनी ही यात्रा और करेंगे।
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जर्मन शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग
इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग का लक्ष्य सिर्फ बच्चों को शिक्षित कराना है। जर्मनी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग ने वर्ष 2014 में भारतीय बच्चों की शिक्षा के लिए राजस्थान में एक स्कूल की स्थापना की।
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जर्मन शिक्षक दंपती इमके फ्रोडेरमान एवं राल्फ लैंग
बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए वे 70 हजार यूरो खर्च कर चुके हैं। यात्रा के आरंभ में जर्मन सरकार ने दंपति को शांति एवं शिक्षा के राजदूत के तौर पर सम्मानित किया एवं यात्रा सकुशल पूरी करने के लिए हर उस देश से इन्हें सहयोग देने का अनुरोध किया, जो विश्व शिक्षा को अपना सहयोग प्रदान करते हैं।