वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। बढ़ाव के कारण घाटों से पंडे और पुजारियों ने अपनी छतरियां और चौकियां हटाकर ऊंचे स्थानों पर लगा दी हैं। गंगा में बढ़ाव के कारण श्रद्धालुओं के लिए गंगा द्वार को बंद कर दिया गया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण दो घाटों का संपर्क समाप्त होने के बाद मंदिर प्रशासन ने देर शाम यह निर्णय लिया है।रविवार को गंगा में बढ़ाव के कारण मानमंदिर और त्रिपुरा घाट के बीच संपर्क टूट गया।
वहीं दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा आरती के स्थल को देर रात गंगा ने छू लिया। इसके कारण गंगा सेवा निधि ने आरती स्थल से सामान हटाने शुरू कर दिए हैं। रविवार की रात गंगा का जलस्तर 62.46 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में बढ़ाव जरूर है, लेकिन स्थिति अभी चिंताजनक नहीं है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने गंगा आरती के बाद नाव संचालन पर रोक लगा दी है। आयोग के अनुसार जलस्तर में अभी बढ़ाव की आशंका है। वहीं दूसरी तरफ ओवरलोडिंग नावों का संचालन बदस्तूर जारी है। अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नौ मीटर नीचे है।
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वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
- फोटो : अमर उजाला
बनारस सहित गाजीपुर और बलिया के आगे बहाव में बढ़ोत्तरी बनी हुई है। नाविकों का कहना है कि गंगा में अगर इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो बहुत जल्द ही गंगा आरती स्थल में भी बदलाव हो जाएगा। इसके अलावा शवदाह स्थल भी परिवर्तित करना पडे़गा।
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रत्नेश्वर महादेव मंदिर का गर्भगृह पूरा जलमग्न
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वाराणसी में बारिश हो या न हो, मगर गंगा का जलस्तर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार रात 8 बजे तक गंगा का जलस्तर 62.46 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु (70.26 मीटर) से लगभग आठ मीटर और खतरे के निशान (71.26मीटर) से नौ मीटर नीचे है।
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लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
आयोग के अनुसार जलस्तर में अभी बढ़ाव की आशंका है। गंगा में पानी हर घंटे 2.5 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ने लगा है। ऐसा पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से बताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ओवरलोडिंग नावों का संचालन बदस्तूर जारी है।
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वाराणसी में बढ़ता गंगा का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
आयोग के अनुसार जलस्तर में अभी बढ़ाव की आशंका है। गंगा में पानी हर घंटे 2.5 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ने लगा है। ऐसा पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से बताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ओवरलोडिंग नावों का संचालन बदस्तूर जारी है।