खादी से जुड़ी हमारी आजादी, असली स्वदेशी कपड़ा खादी, मेरा मन हो स्वदेशी, मेरा तन हो स्वदेशी, स्वदेशी अपनाओ, विदेशी भगाओ, ऐसे कई संदेश छात्र-छात्राओं ने अपने चित्रों के माध्यम से दिए। मौका था बुधवार को अमर उजाला और उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की संयुक्त मुहिम के तहत स्वदेशी चित्रकला प्रतियोगिता पर आधारित प्रदर्शनी का। जहां कलाकारों ने स्वदेशी विषयों को अपने भावनाओं के जरिए ड्राइंग शीट्स पर जीवंत किया था।
शहर के 31 और आसपास के जिलों से कुल 52 स्कूलों के बीच स्वदेशी विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई थी। जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपने हुनर से स्वदेशी के प्रति लोगों को प्रेरित किया। प्रतियोगिता में हर स्कूल के तीन विजेताओं की पेंटिंग को बुधवार को आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल में लगी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया।
जिलास्तर की इस चित्रकला प्रदर्शनी में टॉप दस विजेताओं का चयन किया गया। इनके चित्रों को लखनऊ की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में निर्णायक मंडल की भूमिका में काशी विद्यापीठ ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा, बीएचयू दृश्य कला संकाय के डॉ मनीष अरोड़ा, आर्य महिला इंटर कालेज की प्रवक्ता डॉ गीतिका, काशी विद्यापीठ ललित कला विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ शत्रुघन प्रसाद रहे।
प्रदर्शनी में बच्चों ने चरखा, गांधी की दांडी यात्रा, मिट्टी के बर्तन बनाता कुम्हार, इंडिया गेट, लोक संस्कृति जैसे चित्रों को उकेरा। प्रदर्शनी में सभी स्कूलों से चयनित तीन विजेताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। संचालन दीपा जोशी ने किया।
ये रहे मौजूद
आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल की सहायक प्रबंधक पूजा दीक्षित, प्रधानाचार्य अजंना दीक्षित, आर्य महिला इंटर कालेज की प्रधानाचार्य डॉ. प्रतिभा सिंह, कर्दमेश्वर महादेव इंटर कालेज कंदवा के प्रधानाचार्य नागेंद्र प्रताप सिंह, श्रद्धा इंटरमीडिएट कालेज, राजातालाब प्रबंधक राजकुमार पटेल, जवाहर आदर्श इंटरमीडिएट कालेज सुसुवाही के प्रधानाचार्य भरत विश्वकर्मा, केवी पब्लिक स्कूल एवं हास्टल सुसुवाही के निदेशक डॉ. अजय पांडेय, प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुमान देव गुप्ता आदि मौजूद रहे।