वाराणसी यानी काशी, बाबा विश्वनाथ की नगरी के राजा के रूप में दो ही राजा बोले जाते हैं, पहले काशी नरेश और दूसरे डोम राजा। मंगलवार देर शाम पंचतत्व में विलीन हुए डोम राजा जगदीश चौधरी ने राजनीतिक दलों को लेकर साल 2019 में बेहद गंभीर टिप्पणी की थी।
पीएम मोदी के चुनाव प्रस्तावक बनने पर डोम राजा को थी बड़ी उम्मीद, साल 2019 में राजनीतिक दलों पर की थी गंभीर टिप्पणी
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साल 2019 में पीएम मोदी का दूसरी बार प्रस्तावक बनने पर उन्होंने कहा था कि पहली बार किसी राजनीतिक दल से हमें पहचान मिल रही है, वह भी खुद प्रधानमंत्री ने दी। हम बरसों से लानत झेलते आए हैं। हालात पहले से सुधरे जरूर हैं, लेकिन समाज में हमें पहचान नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री चाहेंगे तो हमारी दशा जरूर बेहतर होगी। कहा था कि काशी के दो विश्वप्रसिद्ध हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में करीब 500 से 600 डोम परिवार रहते हैं, इनके परिजनों की संख्या की बात की जाय तो पांच हजार से ज्यादा लोग हैं। दो घाटों पर सभी डोम की बारी लगती है और कभी दस दिन या बीस दिन में बारी आती है। बाकी दिन बेगारी। कोई स्थायी नौकरी नहीं है और कमाई भी इतनी नहीं कि बच्चों को अच्छी जिंदगी दे सकें।
प्रधानमंत्री से मिला सम्मान गर्व की बात
प्रस्तावक बनने पर गर्व जताते हुए कहा था कि यह पूरी डोम बिरादरी के लिए गर्व की बात है कि मैं प्रधानमंत्री का प्रस्तावक बन सका। हम समाज में पहचान पाने को तरस गए हैं। उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी जीतने के बाद हमारी पीड़ा समझेंगे और हमें वह दर्जा समाज में दिलाएंगे जिसकी शुरुआत आज हुई है।