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छठ महापर्वः अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख और समृद्धि मांगी, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:01 PM IST
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- फोटो : amar ujala
सूर्य उपासना के पर्व छठ पर मंगलवार को काशी के शास्त्री घाट पर व्रती महिलाओं का रेला उमड़ा रहा। परिवार संग गाजे बाजे के साथ नाचते-गाते महिलाएं घाटों पर पहुंची। घंटों पानी में खड़े होने के बाद विधि विधान से अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान बच्चों ने आतिशबाजी के साथ ही मेले में खिलौनों की खरीददारी भी की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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नहाय खाय के साथ शुरू चार दिन का यह पर्व बुधवार को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूरा होगा। मंगलवार को सुबह से ही डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारियां चल रही थी। दोपहर बाद से घाटों पर व्रती महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पांडेयपुर, टकटकपुर, अकथा, पहड़िया, कैंटोमेंट, नदेसर आदि से महिलाएं, पुरुष और बच्चे सिर पर सूप में ठेकुआ, पूड़ी, फल आदि से भरा दउरा लेकर पहुंचे।
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व्रती महिलाएं भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ छठ गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। शाम चार बजे तक घाट पर इतनी भीड़ हो चुकी थी कि सीढ़ियों पर बैठने के लिए जगह नहीं बची। ऐसे में वरुणा पुल पर भी भीड़ लगी रही। व्रती महिलाओं में किसी को पति तो किसी को उनके पुत्रों ने अर्घ्य दिलाया। साथ ही ठेकुआ, पूड़ी, फल, धूप दीप के साथ पूजन कर पारंपरिक गीत गाकर छठ मइया का गुणगान किया।
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छठ पर्व को लेकर घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। रंग-बिरंगी बत्तियों से सजावट की गई थी। बच्चों ने झूले, चरखी के स्टॉल पर खूब मस्ती की और गुब्बारा, खिलौनों आदि की खरीददारी की। व्रती महिलाओं के साथ आए लोगों ने लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा।
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छठ मइया से मांगी मन्नत पूरी होने पर कई व्रती महिलाएं घर से जमीन पर लेटकर घाटों तक पहुंची। परिवारीजनों ने उनका सहयोग किया। महिलाएं हर दो कदम पूरा होने के बाद हाथ जोड़कर छठ मइया से सुख, समृद्धि की कामना करती रहीं। उनके साथ आए लोगों ने भी उनका आशीर्वाद लिया।