UP News: पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंद्र अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ की हत्या मामले में गिरफ्तार राज सिंह कोर्ट से छूटने के बाद बृहस्पतिवार को घर पहुंचा तो मां जामवंती सिंह गले लकर खूब रोई और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद बताई। राज सिंह ने रोते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई वास्ता नहीं था।
कहा कि मैं बता नहीं पाऊंगी कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं। 11-12 दिन बाद आज मेरा बेटा मेरे सामने है। एक मां कैसे बयान करे कि वह क्या महसूस कर रही है। अयोध्या मंदिर का दर्शन करने के बाद मेरे पास से बेटा को गिरफ्तार किया गया था। तबसे मुझे दिन-रात चैन नहीं था। मैं दर-दर भटकती रही। अयोध्या में बेटा को छुड़ाने के लिए पुलिस के सामने मैं हाथ जोड़ती रही, पैर पड़ती रही कि मेरा बेटा निर्दोष है, पहले जांच कर लीजिए। मेरा राज मेरे साथ था, उसने कुछ नहीं किया है लेकिन, कोई सुनने को तैयार नहीं था।
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अपने परिवार के साथ राज सिंह।
- फोटो : संवाद
पूरी रात मैं पागलों की तरह भगवान से प्रार्थना करती रही। अगर यहां न्याय नहीं मिला और सत्य की जीत नहीं हुई, तो मैं आपकी चौखट पर आकर जान दे दूंगी। सीबीआई के अधिकारियों और जांच से जुड़े सभी लोगों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। उन्होंने मेरे बेटे को बदनाम होने से बचा लिया, मेरे परिवार को बचा लिया। लोग मेरी परवरिश और मेरे दूध पर सवाल उठा रहे थे।
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अपनी मां के साथ राज सिंह।
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भाई को देख बड़ी बहन के आंखों से झलके आंसू
राज की बड़ी बहन दीपशिखा सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। कहा कि हाईकोर्ट में थी तो मुझे भाई की गिरफ्तारी की जानकारी हुई। हमलोगों के पास जो भी सबूत थे, मैंने आप लोगों के माध्यम से हर जगह दिखाए और सीबीआई टीम को दिया गया। आज मेरा भाई मेरे सामने है, क्योंकि मैं सत्य के साथ थी।
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राज की बहन बोलीं- मेरा भाई निर्दोष है।
- फोटो : संवाद
कुछ लोग मेरे भाई को अपराधी साबित करने में लगे थे। कोई उसे डॉन बता रहा था, कोई कह रहा था कि हम लोग मर्डर करने वाले परिवार से हैं। अंडे वाले मामले में भी मेरे भाई का नाम उछाला गया और उसे बदनाम किया गया। जबकि, उस मामले में भी उसका कोई कसूर नहीं था। मेरे दोनों भाई, मैं और मेरी मां हमेशा सत्य के रास्ते पर रहे हैं। अब मेरा भाई हमारे सामने है।
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बेटे को आशीर्वाद देतीं जामवंती।
- फोटो : संवाद
आज के बाद कोई भी मेरी मां की परवरिश या मेरे भाई के बारे में गलत बात न करें। कहा कि बिना जांच किसी को प्रताड़ित करने या मारने का किसी को हक नहीं है। मेरा भाई 10 दिनों में जितनी तकलीफ झेल चुका है, उसे मैं अच्छी तरह जानती हूं। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि जो सही है, उसे सही माना जाए और जो गलत है, उसे सजा दी जाए।