काशी फिल्म महोत्सव में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंची भाजपा सांसद, पद्मश्री, मशहूर अदाकारा हेमा मालिनी ने बुधवार सुबह बाबा विश्वनाथ के दराबर में हाजिरी लगाई। विधि-विधान से दर्शन-पूजन सर्व कुशलता की कामना की। काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को देखकर अभिभूत नजर आईं। मंदिर के अर्चक डॉ राजेश पाठक के आचार्यत्व में षोडशोपचार पूजन कराया गया। हेमा मालिनी कों भेंट स्वरूप मंदिर का प्रसाद और रुद्राक्ष की माला दी गई।
मंदिर से बाहर आने पर उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई रखी। उन्होंने बस इतना ही कहा 'बहुत अच्छा, अद्भुत। भाजपा सांसद ने धाम क्षेत्र में घूम-घूम कर पूजा सामाग्री समेत कई अन्य चीजों की खरीदारी की। इधर, हेमा मालिनी के विश्वनाथ धाम पहुंचने की सूचना पर उनके प्रशंसकों भीड़ उमड़ी। सेल्फी के लिए होड़ मच गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
हेमा मालिनी की अविस्मरणीय प्रस्तुति
काशी फिल्म महोत्सव की दूसरी संध्या काशी वासियों के लिए अविस्मरणीय रही। शिव की नगरी में सती, पार्वती और दुर्गा के स्वरूप में भाजपा सांसद, पद्मश्री, मशहूर अदाकारा हेमा मालिनी ने हर किसी को एकाकार किया। पौराणिक शास्त्रों में वर्णित शक्ति के स्वरूपों की मंच पर प्रस्तुति के लोग गवाह बने और अपने साथ अविस्मरणीय यादें लेकर लौटे।
2 of 5
हेमा मालिनी की अविस्मरणीय प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
मंच पर हेमा मालिनी के भरतनाट्यम नृत्य में पिरोए नृत्य और भाव भंगिमाएं सम्मोहित करने वाली थीं। सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का सभागार शाम से ही दर्शकों से भरना शुरू हो गया था। बरसात के कारण विलंब से शुरू हुई नृत्य नाटिका का मंचन देखने के लिए दर्शक दम साधे इंतजार करते रहे।
3 of 5
हेमा मालिनी की अविस्मरणीय प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
हेमा मालिनी के नाट्य विहार कला केंद्र की टीम ने दुर्गा नृत्य नाटिका का शुभारंभ गणपति वंदना के बाद मां पार्वती के संवाद से किया। मंचित नृत्य नाटिका में सती के देह त्यागते ही शिव ने जैसे ही रौद्र रुप धारण किया तो उनके तांडव से पूरा हॉल गुंजायमान हो गया। देवलोक में भी हलचल मच जाती है।
4 of 5
हेमा मालिनी की अविस्मरणीय प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
नृत्य नाटिका में शिव की तपस्या भंग होने, कामदेव के भस्म होने और रति को वरदान मिलने का प्रसंग बखूबी पेश किया गया। इसके बाद मां पार्वती की तपस्या से लेकर शिव व मां पार्वती के विवाह तक के प्रसंग को खूबसूरती से नृत्य में समेटा गया।
5 of 5
हेमा मालिनी की अविस्मरणीय प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
नृत्य नाटिका में शिव की तपस्या भंग होने, कामदेव के भस्म होने और रति को वरदान मिलने का प्रसंग बखूबी पेश किया गया। इसके बाद मां पार्वती की तपस्या से लेकर शिव व मां पार्वती के विवाह तक के प्रसंग को खूबसूरती से नृत्य में समेटा गया।