{"_id":"5a905fa84f1c1b4f588ba69f","slug":"baba-vishwanath-will-play-holi-with-devotee-to-herbal-colour","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भक्तों संग फूलों के अबीर-गुलाल से होली खेलेंगे बाबा विश्वनाथ, यह होगा आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भक्तों संग फूलों के अबीर-गुलाल से होली खेलेंगे बाबा विश्वनाथ, यह होगा आकर्षण का केंद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
rangbhari
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ प्राकृतिक रंगों से भक्तों के साथ होली खेलेंगे। गौना बारात के समय मंहत आवास पर बाबा की चल रजत प्रतिमाओं के संग भक्तों की होली पर प्राकृतिक रूप से बने हर्बल अबीर-गुलाल का प्रयोग किया जाएगा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
rangbhari
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है काशीवासियों में होली का खुमार चढ़ने लगा है। महंत आवास से लेकर बाबा दरबार तक तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं। सांस्कृतिक आयोजन में भस्म होली की नृत्य नाटिका आकर्षण का केंद्र होगी।
rangbhari
- फोटो : अमर उजाला
महंत डा. कुलपति तिवारी ने बताया कि इस बार बाबा के गौने में प्राकृतिक रंगों से बने अबीर-गुलाल का उपयोग किया जाएगा। चंदन पाउडर, भस्म, और फूलों व पत्तियों से बने हर्बल गुलालों की बोरियों का आर्डर दिया गया है। फूलों से अबीर-गुलाल बनाने का तरीका काफी पुराना है। फूलों को सुखाकर गुलाल तैयार किया जाता है। जिसका इस्तेमाल पूजन में भी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
rangbhari
- फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है कि भगवान कृष्ण भी गोपियों के साथ टेसू के फूल से होली खेलते थे और इसका इस्तेमाल कई औषधियों को बनाने में भी होता है। रंगभरी एकादशी पर महंत आवास पर होने वाले शिवांजली कार्यक्रम में पूर्वांचल के विख्यात कलाकार अपनी स्वरांजलि अर्पित करेंगे।
विज्ञापन
rangbhari
- फोटो : अमर उजाला
महंत डा. तिवारी ने बताया कि सर्वप्रथम विजय वाल्मीकि की नृत्य नाटिका होगी जिसमें वो भस्म की होली खेलने का मंचन करेंगे। यह इस बार कुछ खास और अलग आकर्षण का केंद्र होगा। उसके बाद सिद्धार्थ बनर्जी सिद्धवीणा और तबले पर संदीप राव केवले युगलबंदी प्रस्तुत करेंगे।