इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद सोमवार को भरण-पोषण से संबंधित मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की वादी और अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया जेल भेज दी गई है। वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सकती है, इसलिए अधिवक्ता ने सुनवाई की अगली तिथि तय करने का अनुरोध किया। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और सुनवाई की तिथि 29 जनवरी 2025 तय कर दी।
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पत्नी निकिता के साथ अतुल
- फोटो : अमर उजाला
परिवार न्यायालय की न्यायाधीश रीता कौशिक की अदालत में निकिता सिंघानिया व उसके बेटे के भरण पोषण मामले की सुनवाई चल रही है। अदालत ने बेटे के भरण-पोषण का आदेश दिया था, लेकिन निकिता का मामला खारिज कर दिया था। अदालत ने बेटे का संरक्षक मां निकिता को बनाया था। कहा था कि जब तक वह वयस्क नहीं हो जाता है, तब तक भरण-पोषण निकिता को दिया जाए।
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अतुल सुभाष के ससुराल वाले गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
हर महीने की 15 तारीख को भरण पोषण के लिए 40 हजार रुपये दिए जाएं। अदालत ने यह आदेश भी पारित किया कि दावाकर्ता यदि अन्य किसी आदेश से कोई भरण पोषण प्राप्त कर रहा होगा तो वह धनराशि इस भरण पोषण की धनराशि में समायोजित की जाएगी।
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मरने से पहले अतुल सुभाष ने वीडियो जारी किया था।
- फोटो : सोशल मीडिया।
इस आदेश के अनुपालन के लिए निकिता के बेटे की तरफ से धनराशि की वसूली का मुकदमा दाखिल किया गया था। इसमें अतुल सुभाष हाजिर नहीं हुआ था। अदालत ने नोटिस जारी किया था लेकिन अतुल ने सुसाइड कर लिया। इसलिए मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
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अतुल सुभाष के परिजन
- फोटो : परिजन
बिहार पुलिस से करेंगे सुरक्षा की मांग
विकास ने बताया कि भाई के क्रियाकर्म में लगे होने के कारण वो कहीं निकल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार के बाद फ्री होते ही वो दिल्ली जाएंगे और वहां भी सीए एसोसिएशन के साथ मिल कर प्रदर्शन करेंगे। उन्हें निकिता के परिवार पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए उनके न रहने तक परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि फ्री होते ही वो सबसे पहले बिहार पुलिस से सुरक्षा की मांग करेंगे।