जिनके हौसलों में उड़ान है, उनके लिए सारा आसमान है। इस बात का जज्बा रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में दिखा। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र और आजमगढ़ में आयोजित परीक्षा में 4355 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के इम्तिहान साथ दिया। पहली बार ऐसी परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए यह अनुभव हासिल करने का भी मौका रहा। लिहाजा प्रश्न पत्र अच्छे से पढ़ने, प्रश्नों को समझने के बाद ही सावधानी से ओएमआर शीट में उत्तर भर रहे थे।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा 2022: छात्र-छात्राओं के सपनों को मिलेगी उड़ान, उत्साह के साथ दिया इम्तिहान
अशोका इंस्टीट्यूट में बने परीक्षा केंद्र पर सुबह 11 बजे से 12:30 बजे तक होने वाली परीक्षा के लिए बहुत से अभ्यर्थी सुबह सात बजे ही केंद्र पर पहुंच गए। वाराणसी के साथ ही चंदौली, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर आदि जिलों से छात्र पहुंचे। पंजीकृत 3700 परीक्षार्थियों में करीब 2000 ने परीक्षा दी। विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष की जानकारी में कोई असुविधा न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्र के गेट पर अनुक्रमांकवार कमरों की जानकारी का डिस्प्ले बोर्ड भी लगवाया गया था।
अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य ने कहा कि छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन कराना अमर उजाला का सराहनीय प्रयास है। इससे छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है। अशोका इंस्टीट्यूट की ओर से इस तरह के आयोजनों में हर संभव सहयोग किया जाएगा।
गाजीपुर के छावनी लाइन स्थित आदर्श बौद्ध इंटर कॉलेज में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच कराई गई परीक्षा में कुल पंजीकृत 2155 परीक्षार्थियों में 1543 उपस्थित हुए। सुबह नौ बजे से ही उनके केंद्र पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। गेट पर सघन तलाशी एवं प्रवेश पत्र की जांच करने के बाद शिक्षकों की तरफ से उन्हें बारी-बारी से अंदर जाने दिया गया।
परिसर में लगे बोर्ड पर अनुक्रमांक देखने के बाद परीक्षार्थियों ने निर्धारित कक्षों में प्रवेश किया। विद्यालय के शिक्षक छात्रों को कक्षों की जानकारी देकर उनका सहयोग करते रहे। निर्धारित समय पर कक्ष निरीक्षकों की तरफ से उन्हें प्रश्नपत्र एवं ओएमआर शीट उपलब्ध कराई गई। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक नगर गोपीनाथ सोनी ने विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश पांडेय भी थे।