अमर उजाला की ओर से आयोजित श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता के मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देश हित में इस विषय पर अपनी बात रखी।
वाद-विवाद प्रतियोगिता : लोकतंत्र में जरूरी है सोशल मीडिया, फायदे के साथ नुकसान भी
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वर्तमान परिदृश्य में जब लोगों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है, ऐसे समय में सोशल मीडिया ही एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां अपनी बात को प्रमुखता से रखने का अवसर मिलता है। यह भी जानना जरूरी है कि इसका ज्यादा प्रयोग ठीक भी नहीं है। ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सनबीम स्कूल लहरतारा में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग लाभकारी तो हैं लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं है, ऐसे में सभी को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पक्ष में प्रतिभागियों ने तेजी से बदल रही मनोवृत्ति, सामाजिक दशा आदि को देखते हुए इस पर प्रतिबंध को देश हित में जरूरी बताया। कहा कि चाहे घर हो या स्कूल, आफिस या फिर अन्य कार्यक्रम लोग फेसबुक, व्हाटसएप, इंस्टाग्राम आदि पर फोटो डालते हैं।
साथ ही हर छोटी से छोटी जानकारी भी शेयर करते हैं, यह उनके लिए ठीक नहीं होता है। इस तरह की गतिविधियों से बचने की जरूरत है। राजनीतिक, सामाजिक, फिल्म के साथ मीडिया के क्षेत्र में इसका दुरुपयोग भी बढ़ता जा रहा है।
विषय के विपक्ष में प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे समय में जब हर जगह आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, सोशल मीडिया के जरिए हम अपनी आवाज दूसरों तक पहुंचा सकते हैं। कई घटनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिलती है। ट्विटर से पुलिस विभाग, रेलवे या अन्य विभाग से शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई होती है। इससे पहले तुलसी के पौधे के समक्ष अतिथियों में कुलपति प्रो. टीएन सिंह, पद्मश्री राजेश्वर आचार्य, सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सनबीम स्कूल की ओर से डॉ. दीपक मधोक ने स्मृति चिह्न भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान सनबीम की निदेशक भारती मधोक, प्रीतेश आचार्य, सौरभ आदि लोग मौजूद रहे।