सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने से देवारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। करीब 40 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 16 गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं, जबकि दो दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूबने से आवागमन बाधित हो गया है।
सरयू की बाढ़ से देवारा के 16 गांव घिरे: 40 हजार से अधिक आबादी प्रभावित, बाहरी इलाकों से संपर्क टूटा; परेशानी
सरयू की बाढ़ से देवारा क्षेत्र के 16 गांव घिर गए हैं। बाहरी इलाकों से संपर्क टूटने के कारण लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। बाढ़ के चलते देवारा में हालात विकट हो गए हैं। करीब 40 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उधर, बाढ़ चौकियों की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बृहस्पतिवार को करीब साढ़े 11 बजे गांगेपुर स्थित बाढ़ चौकी पर ताला लटका मिला। चौकी परिसर में पशु और कुत्ते बैठे नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बीच चौकी पर कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारी नदारद हैं।
उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल 18 नावें संचालित की जा रही हैं। सोनौरा, मानिकपुर, बांका, देवारा गरीब, चक्की हाजीपुर, इस्माइलपुर और सेमरी पहाड़पुर समेत अन्य प्रभावित गांवों में नाव उपलब्ध कराई गई है।
जिस गांव में भी नाव की जरूरत होगी, वहां तत्काल राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के माध्यम से नाव की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त नावें उपलब्ध हैं। प्रभावित गांवों में राशन वितरित कराया जा चुका है और आवश्यकता के अनुसार ग्रामीणों को अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बाढ़ के चलते तीन विद्यालय बंद
सरयू का जलस्तर बढ़ने के कारण शिक्षा क्षेत्र हरैया के तीन प्राथमिक विद्यालयों को बृहस्पतिवार से बंद कर दिया गया है। बाढ़ का पानी बढ़ने और विद्यालयों के आसपास जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय देवारा खास राजा प्रथम, द्वितीय, चक्की, कंपोजिट बांका भुढ़नपट्टी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनौरा और शाहडीह तथा अभ्भन पट्टी स्थित प्राथमिक विद्यालय को बंद किया गया है। विद्यालय बंद होने से इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को फिलहाल विद्यालय नहीं जाना होगा।
क्षेत्र में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अन्य विद्यालय भी प्रभावित हो सकते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मौर्य ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कुल 23 विद्यालय हैं। इसमें से छह बंद किए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी और बढ़ने पर जरूरत के अनुसार अन्य विद्यालयों को भी बंद कराया जा सकता है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बदरहुआ में खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर सरयू
लाटघाट के सरयू का जलस्तर बदरहुआ नाले पर बुधवार शाम चार बजे 72.07 मीटर दर्ज किया गया था, जो बृहस्पतिवार को नौ सेंटीमीटर बढ़कर 72.16 मीटर हो गया। इसी तरह डिघिया नाले पर जलस्तर 71.29 मीटर से छह सेंटीमीटर बढ़कर 71.35 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से देवारा क्षेत्र में बाढ़ का संकट और गहराता जा रहा है। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है।
वर्तमान जलस्तर 72.16 मीटर होने के कारण यह खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं, डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। वर्तमान जलस्तर 71.35 मीटर होने से यह खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर ऊपर है। डिघिया का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।
सिवान में भरने लगा पानी, बढ़ेगी परेशानी
महाराजगंज के देवारा क्षेत्र में महुला-गढ़वल बांध से उत्तर बहने वाली सरयू का पानी ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ा रहा है। नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों के आसपास खेत-खलिहानों में पानी जाने लगा है। बाढ़ अब चकरोड़ के करीब पहुंच चुकी है। महाराजगंज विकासखंड के आराजी मलह पुरवा, गंगापुर पुरैनिया, काजी गांव और शंकरपुर गांव के सिवान में नदी का पानी भरने लगा है। इससे ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा आदि का संकट बढ़ जाएगा। वहीं, पुरैनिया गांव से पूरब तरफ नदी का पानी खेतों की तरफ जा रहा है और चकरोड़ के आसपास लगने लगा है।