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Unnao Case: बुआ-भतीजी की मौत, चश्मदीद गवाह लड़ रही जिंदगी की जंग, सच की आखिरी उम्मीद है 'रोशनी'
Fri, 19 Feb 2021 02:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 19 Feb 2021 02:43 PM IST
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- फोटो : amar ujala
कानपुर के रीजेंसी अस्तपाल में जिंदगी और मौत से जूझ रही रोशनी ही इस घटना के खुलासे में पुलिस के लिए उम्मीद की ‘रोशनी’ है। बबुरहा गांव में हुई दो किशोरियों की मौत और एक के मरणासन्न होने की घटना की मुख्य वजह क्या है।
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
घटना हत्या, आत्महत्या या कुछ और है, इन सब सवालों के जवाब तलाशते हुए घटना के खुलासे की कोशिश में जुटी पुलिस के लिए रोशनी अहम कड़ी है। हालांकि अभी वह जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रोशनी पूरी घटना की चश्मदीद और खुद भी भुक्तभोगी है।
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
वह पूरी घटना से पर्दा उठाने के साथ ही गुनाहगारों को बेनकाब करने में पुलिस की मददगार बनेगी। खुलासे के लिए एसपी ने छह टीमें लगाई हैं जो बुधवार रात से ही अलग अलग बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही हैं। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने अपनी स्पेशल टीम भी लगाई है।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
सर्विलांस टीमें गांव के आसपास के मोबाइल टावरों से मोबाइल डेटा भी खंगाल रही हैं। हालांकि जांच में जुटी सभी टीमों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोशनी जितनी जल्दी ठीक हो जाती है उतनी ही जल्दी घटना का खुलासा हो जाएगा। उसका बयान और गवाही घटना में सबसे अहम है।
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- फोटो : amar ujala
बता दें कि असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहरीले पदार्थ से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। पुलिस की तफ्तीश जारी है। शासन के अफसर जांच की निगरानी कर रहे हैं।