ससुराल छोड़कर मायके में रह रही महिला को पति ने चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से भाग निकला, जिसे पुलिस ने घर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। मृतका के पिता बालकिशन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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हत्या के बाद एकत्र मोहल्ले के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
हरिजन कॉलोनी निवासी अनुसूचित जाति के बालकिशन की बेटी मीनू ने 14 साल पहले फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव रजापुर निवासी दूसरी बिरादरी के सन्नी सैनी के साथ प्रेम विवाह किया था। मृतका की बहन दीपा ने बताया कि करीब 20 दिन पहले मीनू की ससुराल में झगड़ा होने पर वह लोग वहां गए थे। मारपीट की नौबत आने पर पुलिस भी बुलानी पड़ी थी। इसके बाद मामला शांत होने तक मीनू को लेकर छुटमलपुर आ गए थे। बच्चे वहीं रह गए थे।
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मीनू की हत्या के बाद एकत्र लोग और आई पुलिस।
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बुधवार सुबह करीब नौ बजे परिवार के सभी सदस्य काम पर बाहर थे। मीनू घर पर अकेली थी। उसके पास दीपा के दो बच्चे टीवी देख रहे थे। इसी दौरान सन्नी वहां पहुंचा। हाथ में चाकू था। यह देखकर बच्चे पड़ोस में दूसरे मामा के घर बताने गए। परिजन पहुंचे तो मीनू का खून से लथपथ शव फर्श पर पड़ा था। चाकू भी मौके पर पड़ा था। सन्नी मौके से भाग चुका था।
सूचना पर सीओ विकास प्रताप सिंह चौहान और प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा और फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल कर शव कब्जे में लिया। मृतका के चार बच्चे हैं। पुलिस का दावा है कि सन्नी को उसी के घर से गिरफ्तार किया है, जबकि चर्चा है कि सन्नी ने थाने पहुंचकर सरेंडर किया।
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घटनास्थल पर जांच करती फोरेंसिक टीम।
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झगड़े के 20 दिन तक पत्नी के लौटने का किया इंतजार, नहीं आने पर की हत्या
मीनू करीब 20 दिन पहले झगड़ा होने के बाद अपने मायके वालों के साथ छुटमलपुर आ गई थी। इस बीच तीन से चार बार सन्नी उसे घर ले जाने के लिए आया, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया। इसी बात से सन्नी क्षुब्ध चल रहा था। 14 साल पहले दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। आसपास के लोग कहते थे कि दोनों ने दुनिया से लड़कर लव मैरिज की और खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। दोनों में कितना प्यार है। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। पहली बार ऐसा झगड़ा हुआ था कि मीनू मायके आई थी।
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हत्या के बाद सहमे पड़ोसी।
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पुलिस पूछताछ में सन्नी ने बताया कि पत्नी के घर न लौटने पर वह आपा खो बैठा। उसने उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड के बाद उसके चार बच्चे बेसहारा हो गए हैं। दंपती के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी रिया 13 साल, उससे छोटी बेटी चारू 11, बेटा अक्षय आठ और सबसे छोटा बेटा छोटू छह साल का है। बच्चे समझ ही नहीं पा रहे हैं कि अचानक से उनके पिता को क्या हो गया जो उन्होंने उनके सिर से मां का साया छीन लिया।