सहारनपुर में गन्देवड़ चिलकाना मार्ग पर गांव कम्बोहमजरा के निकट सोमवार की शाम खनन सामग्री से लदे डंपर की साइड लगने से बाइक सवार एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शव सड़क पर रखते हुए जाम लगा दिया। पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ और तहसीलदार ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मौके पर ही चालक और मालिक को बुलाने के साथ आर्थिक मदद भी तत्काल देने की मांग पर अड़ गए। इसे लेकर जाम लगा रहे ग्रामीणों की पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई।
कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव मंझाड़ी निवासी अमन कुमार (24) पुत्र श्याम सिंह व उसका साथी तिवड़ा माजरा निवासी धर्मवीर सोमवार शाम छह बजे अपनी बाइक से चिलकाना से अपने गांव लौट रहे थे, जैसे ही वह गांव कंबोहमजरा के निकट पहुंचे तो सामने से आ रहे खनन सामग्री से लदे डंपर ने उनकी बाइक को साइड मार दी। जिससे अमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि धर्मवीर गंभीर रूप से घायल हो गया।
2 of 5
हंगामा करते लोग।
- फोटो : amar ujala
वहीं दुर्घटना के बाद चालक डंपर को मौके पर छोड़ कर फरार हो गया। मौके पर जुटे लोगों ने धर्मवीर को राहगीरों की मदद से सीएचसी साढ़ौली कदीम भिजवाया गया। जहां से उसकी गंभीर हालत देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों एवं ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
3 of 5
हंगामा करते लोग।
- फोटो : amar ujala
ग्रामीण डंपर चालक व उसके मालिक को मौके पर बुलाने के साथ ही तत्काल आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
4 of 5
परिजनों को समझाती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
सूचना पर सीओ बेहट रामकरण सिंह व तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आर्थिक मदद और आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर जाम खोलने का अनुरोध किया, लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। इस दौरान उनकी पुलिस से जमकर नोकझोंक भी हुई। उन्होंने पुलिस को मौके से शव नहीं उठाने दिया।
5 of 5
परिजनों को समझाती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
इकलौता बेटा था अमन, एक साल पहले हुई थी शादी
अमन अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अमन की एक साल पहले ही शादी हुई थी। अभी कोई संतान भी नहीं है। उसकी मां और पत्नी का रो रो-कर बुरा हाल था। वे सुध बुध खो चुकी थी। पिता भी बदहवास हालत में थे। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। अमन स्टोन क्रशर पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसकी मौत के बाद गांव में भी शोक की लहर थी।