रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जब लखीमपुर खीरी के मृतक युवा किसान लवप्रीत के परिवार से मिलने का वृतांत सुनाया तो वह भावुक हो गए। उनका गला भर आया। पूरा वातावरण गमगीन हो गया और भाषण सुन रहे लोगों की आंखे छलक आई और जयंत आगे कुछ बोल ही नहीं पाए।
मुजफ्फरनगर के सिसौली में चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर लखीमपुर के किसानों की श्रद्धांजलि सभा में जयंत चौधरी का पूरा भाषण भावनाओं से भरा रहा। वह अपने भाषण से लोगों को अपने पन का अहसास करा गए। जयंत चौधरी ने किसानों को बताया कि वह सरकार की बंदिश के बाद भी लखीमपुर में मृतक किसान लवप्रीत के परिवार से मिलने पहुंचे। 18 साल के युवक को गाड़ी से रौंद कर मारा गया। परिवार के पास दो एकड़ जमीन है। परिवार किसी तरह अपना गुजारा कर रहा था। लवप्रीत परिवार में अकेला लड़का था, दो उसकी छोटी बहने हैं। मां से बात करने की कोशिश की गई तो वह कुछ बोल ही नहीं पाई केवल रोती रही।
2 of 6
सभा में मौजूद लोग।
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा जिस मां का इकलौता बेटा चला जाता है उसकी यही हालत होती है। दो छोटी बहने हैं, जब मैंने कहा कि बेटा अपने माता-पिता का ख्याल रखना तो वह आंखों में आंसू भरकर बोली, अब हम रखेंगे अपने माता-पिता का ख्याल। यह बाते कहते हुए जयंत का गला भर आया, उनकी आंखें नम हो गईं। इस दौरान पूरे वातावरण में सन्नाटा सा छा गया और श्रद्धांजलि सभा में बैठे हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। जयंत इतने भावुक हुए कि वह इसके बाद आगे का भाषण भी नहीं दे पाए। श्रद्धांजलि सभा में जितने भी वक्ता बोले सभी के भाषण का केंद्र लखीमपुर की घटना रहा। किसानों को रौंदकर मारने का हर किसी ने जिक्र किया।
3 of 6
मंच पर जयंत के साथ भाकियू नेता।
- फोटो : amar ujala
वहीं जयंत चौधरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की बात कहने वाले योगी को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के घर पर भी बुलडोजर चलाना चाहिए, वे चुप क्यों हैं।
4 of 6
जयंत को पगड़ी पहनाई।
- फोटो : amar ujala
किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि देश में किसानों की लड़ाई महेंद्र सिंह टिकैत ने लड़ी, अब भी इनके परिवार के लोग लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। किसानों की रौंदकर हत्या की जा रही है। प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसे में यहां राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए।
5 of 6
भाषण के दौरान भावुक हुए जयंत चौधरी
- फोटो : amar ujala
जयंत ने कहा कि विपक्ष को रोकने से हालात खराब होंगे। जब लोग पीड़ितों के बीच जाएंगे तो उन्हें लगेगा कि उनका अपना भी कोई है। इसी से हालात सुधरेंगे। विपक्ष नहीं रहेगा तो लोकतंत्र नहीं रहेगा। सरकार से सवाल कौन करेगा। सरकार किसानों को आतंकवादी बनाने पर तुली है। लखीमपुर में इंटरनेट बंद, फोन बंद, ऐसा लग रहा जैसे कश्मीर या नक्सली क्षेत्र में आ गए हों।