उत्तराखंड के रुड़की और मंगलौर के बीच हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में कार्तिक की मौत के बाद सिसौली कस्बे में गम का माहौल है। वह सेना में गुजरात में तैनात था और दो दिन पहले ही कांवड़ यात्रा के लिए ही छुट्टी लेकर आया था। खुशी-खुशी गंगाजल लाने के लिए वह रवाना हुआ था।
कांवड़ियों के हमले में मौत: छुट्टी लेकर आया था सेना का जवान, सिसौली में पसरा मातम, घरों में नहीं जले चूल्हे
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परिवार का सहारा था कार्तिक
किसान योगेंद्र सिंह के दो बेटों में कार्तिक बड़ा था। अपने परिवार का वह बड़ा सहारा था। नौकरी से पहले कंप्यूटर सेंटर का संचालन करता था। नौकरी मिली तो सेंटर को भाई मुकुल और पिता संभालने लगे।
रुड़की रवाना हुए सैकड़ों लोग
मंगलवार सुबह झगड़े की सूचना मोबाइल के जरिये सिसौली पहुंच गई थी। सैकड़ों लोग रुड़की के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा छपार थाने पहुंचकर भी ग्रामीणों ने वारदात की जानकारी ली।
घायल कांवड़िये भी अपने घर पहुंचे
कांवड़ियों के बीच हुए झगड़े में घायल सिसौली के कांवड़िए भी देर शाम तक अपने-अपने घर पहुंच गए। दिनभर गांव में गम का माहौल बना रहा और घरों में चूल्हे भी नहीं जले। रुड़की के सिविल लाइन थाने में वारदात का मुकदमा दर्ज हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सात्वंना दी।
वाहन छोड़कर भाग गए कांवड़िये
हरियाणा के पानीपत कांवड़िये दो डीसीएम में सवार थे। उत्तराखंड पुलिस ने छपार पुलिस की मदद से घेराबंदी की तो आरोपी कांवड़िये हाईवे पर वाहन छोड़कर फरार हो गए। रुड़की पुलिस ने पानीपत के छह युवकों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।