सावन की पहली बरसात ने ही नगर निगम के नाला सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल कर रख दी। शहर के पुराने इलाकों के साथ-साथ पॉश कॉलोनियों तक की गली व सड़कें ताल तलैया बन गईं। तमाम घरों में छह इंच से लेकर डेढ़ फिट तक बारिश का पानी भर जाने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश में करंट से एक असिस्टेंट प्रोफेसर की जान चली गई। बुद्धि विहार सेक्टर दो में विवेकानंद पार्क के पास बरसात का पानी घर में घुस गया। जिस पर इन्वर्टर का प्लग हटा रहे दिल्ली विश्व विद्यालय के प्रोफेसर विकास त्यागी को करंट लग गया। इस हादसे से परिजनों में चीख पुकार मच गई। आस पड़ोस के लोग और परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे पर तब तक देर हो चुकी थी।
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उधर, जल भराव की सूचना पर पूरे दिन नगर निगम के सफाई कर्मियों व क्यूआरटी टीम के सदस्य शहर भर में जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए जुझते रहे। सुबह करीब दस बजे से तेज बारिश शुरू हो गई जो 12 बजे तक होती रही। इस बारिश ने नगर निगम के पिछले डेढ़ माह से चल रहे रहे नाला सफाई के दावों की पोल खोल दी। शहर के सभी नाले, नालियां उफनाने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।
शहर के पुराने मोहल्लों पीरगैब, मकबरा रोड, प्रिंस रोड, ईदगाह रोड, बुध बाजार, टाउन हाल, गंज बाजार, चौमुखा पुल, कंजरी सराय, रेती स्ट्रीट, विकास नगर, रामलीला ग्राउंड, असालतपुरा, नागफनी, दौलतबाग, गोविंदनगर, सरस्वती विहार, तहसील स्कूल आदि इलाकों की सड़कों पर पानी बहने लगा। शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार बुद्धि विहार सेक्टर एक, दो, तीन व चार में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई। जिसके बाद नोदी एक्सपोर्ट के सामने स्थित सीवर टैंक पर मोटर चलाकर इन मोहल्लों का पानी खींच कर नालों में डाला गया।