दुबई से लाैटे चौथे तस्कर मुत्तलीब के पेट से बुधवार को एक और कैप्सूल निकाला गया। चारों तस्करों के पेट से सोने के कुल 29 कैप्सूल निकले, जिनका वजन एक किलो 100 ग्राम से अधिक है। बुधवार शाम पुलिस ने आरोपी मुत्तलीब को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। वहीं सोना तस्करी गिरोह से जुड़े दो अन्य फाइनेंसरों और एक डाॅक्टर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। रामपुर जिले के टांडा निवासी मो. नावेद और जाहिद 23 मई को सऊदी अरब से लौटे थे।
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मुरादाबाद में सोना तस्करी का खुलासा
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दिल्ली एयरपोर्ट से इन्हें टांडा निवासी कार चालक जुल्फेकार लेकर टांडा लौट रहा था। इनकी कार में दुबई से लौट रहे शाने आलम, मुत्तलीब, अजहरुद्दीन और जुल्फेकार सवार हो गए। दुबई से लौट रहे लोगों को बदमाशों ने मुरादाबाद में अगवा कर लिया था। इनके साथ मो. नावेद और जाहिद भी अगवा कर लिए थे। पुलिस ने इन सभी को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया था। जिला अस्पताल में दुबई से लाैटे चारों तस्करों के पेट से सोमवार 27 कैप्सूल निकाल लिए थे।
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मुरादाबाद में सोना तस्करी का खुलासा
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तीन तस्कर भेज भेज दिए थे लेकिन मुत्तलीब के पेट से दो कैप्सूल होने के कारण उसे दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को एक और बुधवार को दूसरा कैप्सूल निकाला गया है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि बुधवार को आरोपी मुत्तलीब को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस मामले में तीन तस्कर और एक फाइनेंसर जाहिद मेंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद पहले ही जेल भेजा गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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मुरादाबाद पुलिस की हिरासत में सोना तस्करी के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खाड़ी देशों की यात्रा करने वालों के पासपोर्ट का होगा सत्यापन
सोने की तस्करी के मामले में टांडा के युवकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र ने बताया कि जिले में जिन लोगों ने दुबई और सऊदी अरब की यात्रा की है, उन सभी लोगों के पासपोर्ट का सत्यापन कराया जाएगा। इनमें टांडा क्षेत्र के करीब 20 लोग हैं, जिन्हें रडार पर रखा गया है। इसके लिए एलआईयू और पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई गई है। दुबई और सऊदी अरब जाने वाले कुछ लोग लालच में फंस जाते हैं।
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रामपुर की टांडा चाैकी
- फोटो : संवाद
इस मामले में जिले का टांडा कस्बा बदनाम हो चुका है। सूत्रों की मानें तो सोने की तस्करी का यह गोरखधंधा यहां 15 वर्षों से फल फूल रहा है। पहले गुटखे के बदले सोने की तस्करी होती थी। बाद इनका नेटवर्क मजबूत हो गया तो कई गिरोह सक्रिय हो गए। मुरादाबाद में यहां के चार युवकों के पकड़े जाने के बाद से जिला पुलिस इन पर नजर रख रही है, लेकिन अब पकड़े गए युवकों के जेल जाने और निर्दोष मिलने पर दो को छोड़े जाने के बाद पुलिस अन्य की तलाश में जुट गई है।
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