बीसीसीआई से क्रिकेटर मोहम्मद शमी को क्लीन चिट मिलने के बाद भी पत्नी हसीन जहां के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। हसीन ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई के लिए अपनी ससुराल सहसपुर आने से भी उन्हें गुरेज नहीं है। वह जल्द ही अमरोहा आएंगी। जहां शमी के आरोपों का जवाब देंगी।
शमी को क्लीन चिट मिलते ही हसीन जहां ने फिर उगली आग, बोलीं-ससुराल में दूंगी इल्जामों का जवाब
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हसीन जहां ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में कहा कि मैं किसी से डरती नहीं है। इंसाफ की लड़ाई अपने दम पर लड़ूंगी। इसके लिए ससुराल आना पड़े तो वह पीछे हटने वाली नहीं है। अमरोहा आने में खतरा जरूर है, लेकिन इस डर से कोलकाता बैठी रहूं, यह नहीं हो सकता है। ससुराल आकर शमी के बेबुनियाद इल्जामों का जवाब दूंगी। गांव में मेरे ऊपर हुए जुल्म को लोगों के सामने लाऊंगी। मेरे खिलाफ शमी की साजिश में शामिल लोगों को बेनकाब करूंगी।
शमी के हसीन पर लगाए आरोप
- पहली शादी का राज छुपाया
- समझौते के लिए 25 करोड़ रुपये, गाड़ी और बंगला की शर्त रखी
- परिवार में विवाद कराया
- अमरोहा में प्रापर्टी खरीदने से रोका
- धोखाधड़ी की
‘बीसीसीआई को खिलाड़ियों की इमेज से कोई मतलब नहीं’
क्रिकेटर मोहम्मद शमी को बीसीसीआई से मिली क्लीन चिट पर हसीन जहां ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। कहा कि बीसीसीआई ने शमी को गंदगी करने की खुली छूट दे दी है। बीसीसीआई को खिलाड़ियों की इमेज से कोई मतलब नहीं है। जबकि देश युवा क्रिकेटरों को अपना आदर्श मानता है। क्रिकेट में नेम फेम के साथ बीसीसीआई ने गंदगी करने का लाइसेंस दिया है। जबकि दूसरे देशों में खिलाड़ी का इमेज बहुत मायने रखती है। हसीन जहां ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम और टेबल टेनिस फेडरेशन का उदाहरण भी दिया। हसीन जहां ने कहा कि इमेज के बेस पर ही बीसीसीआई ने शमी का कांट्रैक्ट रोका था। लेकिन क्लीनचिट से लगता है कि बीसीसीआई को अब खिलाड़ी की इमेज से कोई मतलब नहीं रह गया।
हसीन जहां ने बताया कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारी मुझसे मिले थे। मैंने शमी के खिलाफ मोबाइल में मिले सभी सबूत अधिकारियों को पेन ड्राइव में दिया था। इसमें शमी के चैट और फोटो तक शामिल थे।