मेरठ के सरधना में शादी समारोह में युवक मोनू की हत्या के मामले में पुलिस का दावा है कि मोनू का दूल्हा-दुल्हन पक्ष से कोई लेना देना नहीं था। मोनू मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक युवक के साथ शादी में आया था। बताया गया कि युवक दूल्हा पक्ष से था। चढ़त पर बराती डीजे पर डांस कर रहे थे, जिसमें हर्ष फायरिंग हो रही थी, इस दौरान मोनू को सिर में गोली मारी गई -
चढ़त के दौरान युवक की हत्या: मोनू को सिर में मारी थी गोली, शादी में शामिल हुए थे कई वीआईपी
सरधना के अहमदाबाद गांव में किसान समर पाल की बेटी के शादी कार्यक्रम में खूब हर्ष फायरिंग हुई। नतीजा यह रहा कि इस दौरान सकौती निवासी मोनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हालांकि यही बताया जाता रहा कि मोनू की मौत हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से हुई है लेकिन जिस तरह से इस घटना को 12 घंटे तक छुपाया गया, उससे मोनू के साथी, बराती और घरातियों के साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। जबकि मोनू को गोली लगने के बाद उसे अस्पताल उसके साथी ही लेकर गए थे।
बताया गया कि शादी समारोह में गणमान्य व्यक्ति भी आए थे। उनके साथ जहां सुरक्षा कर्मी थे तो प्रोटोकॉल के चलते सरधना थाने की पुलिस भी वहां मौजूद थी। ऐसे में पुलिस को इस घटना की सूचना न मिलना हैरान कर देने वाला है।
अगले दिन शुक्रवार को थाना पुलिस को निजी अस्पताल से मीमो जाने के बाद युवक की हत्या की खबर मिली। बड़ा सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी वारदात को 12 घंटे तक क्यों पुलिस से छुपाया गया।
जानबूझकर उलझी है पुलिस
पुलिस जानबूझकर हत्या और हर्ष फायरिंग में गोली लगने के पहलू में उलझी हुई है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही कि मोनू की किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं थी।
प्लानिंग से मेरे भाई की हत्या
मोनू के भाई सोनू ने बताया कि मोनू मुजफ्फरनगर में महिंद्रा कंपनी में जॉब करता था। गुरुवार सुबह वह ड्यूटी पर गया था, लेकिन लौटा नहीं था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दो पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे, बताया कि मोनू का शव मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में है। आप चलकर उसकी पहचान कर लें।
सोनू ने दुल्हन के पिता समर पाल सिंह और अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि उसके भाई की प्लानिंग के तहत हत्या की गई है।