पश्चिमी यूपी में साल 2018 में पांच ऐसी बड़ी घटनाएं हुईं, जिनकी पूरे देश में चर्चा रही। इस बीच दो अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान हिंसा ने मेरठ से ही विकराल रूप लिया था। जहां मेरठ में ही 500 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसमें एक युवक की जान भी चली गई थी। वहीं पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का मामला भी पूरे देश में गूंज गया था। आगे तस्वीरों के साथ जानिए पूरी घटनाएं:-
अलविदा 2018: इन 5 बड़ी घटनाओं से सुर्खियों में रहा वेस्ट यूपी, पूरे देश में रही गूंज
दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान देशभर में सुबह से ही दलितों का आंदोलन शुरू हो गया था। वहीं मेरठ में दलित आंदोलन के चलते हालात बेकाबू हो गए। जहां शोभापुर पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया गया था तो वहीं कई सौ वाहनों में आग लगा दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बमुश्किल हालात पर काबू पाया था।
उत्तर प्रदेश की बागपत जिला जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद जेल प्रशासन से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में मुख्य आरोपी कुख्यात सुनील राठी पर कोर्ट ने हाल ही में सजा तय कर दी है।
मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में सक्रिय सुनील राठी गैंग का हाथ बताया जा रहा था। सुनील राठी यूपी के साथ उत्तराखंड में सक्रिय है।
सुनील की मां राजबाला छपरौली से बसपा से चुनाव लड़ चुकी है। इस मामले में सीएम के आदेश के बाद जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, अरजिंदर सिंह (हेड वार्डन) और माधव कुमार (वार्डन) को निलंबित कर दिया गया था।
वहीं मेरठ में होटल ब्लैक पेपर में भाजपा पार्षद और दरोगा में विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया था कि बीजेपी पार्षद ने दरोगा को दनादन थप्पड़ जड़ दिए थे। आरोप था कि दरोगा के साथ महिला वकील से भी मारपीट और अभद्रता की गई थी। यह मामला लखनऊ तक गूंज गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा पार्षद को जेल भेज दिया था।
बता दें कि होटल में मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह अपनी कार से एक महिला के साथ पहुंचे थे। महिला ने होटल के वेटर को ऑर्डर दिया। पांच मिनट तक प्लेट नहीं लगी तो महिला ने नाराजगी जताई। उसके बाद दरोगा ने भी वेटर को फटकार दिया। महिला होटल के कर्मचारी से गालीगलौज करती रही। होटल मालिक मनीष पंवार मैनेजर के साथ पहुंचा तो दोनों में विवाद हो गया था।
हाल में ही यूपी के बुलंदशहर में गोकशी के शक में भारी बवाल हो गया था। बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और एक युवक सुमित की मौत हो गई थी। वहीं एसआईटी और एसटीएफ की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बवाल में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को जम्मू में तैनात जीतू उर्फ फौजी ने गोली मारी थी। फौजी अपने गांव में छुट्टी पर आया हुआ था। इंस्पेक्टर को उसकी अवैध पिस्टल से गोली लगना सामने आया है। घटना के बाद फौजी जम्मू भाग गया था।
गोकशी को लेकर बुलंदशहर के स्याना थाना की चिंगरावठी पुलिस चौकी में बवाल हुआ था जिसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार और छात्र सुमित की गोली लगने से मौत हुई है।
बवाल के दिन बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तिमा में करीब 15 लाख लोगों की भीड़ मौजूद थी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एडीजी इंटेलीजेंस, एसआईटी, एटीएस, एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और बुलंदशहर पुलिस जांच पड़ताल में लगी हैं।