अपना शहर मेरठ लगातार तरक्की के रास्ते पर कदम दर कदम बढ़ रहा है। साल 2018 में नगर निगम और कैंट क्षेत्र में विकास के कई कार्य कराए गए तो कई नए कामों की नींव रखी गई। शहर की रोहटा रोड जैसी अन्य सड़कों को छोड़ दें तो कई मुख्य मार्ग गड्ढों से मुक्त हो चुके हैं। कई इलाके हरियाली से भरपूर दिखाई दे रहे हैं। शहर को साफ रखने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। कैंट में कूड़ा निस्तारण पर प्रयोग हो रहा है। हालांकि कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिन पर काम शुरू होने का इंतजार है।
इबारत 2018: कड़े प्रयासों से तेज रही विकास की रफ्तार, नए साल में लगेंगे उम्मीदों को पंख
साल 2018 मेरठ शहर के लिए काफी खास रहा। नगर निगम ने जहां शहर की कई सड़क और चौराहों को जेबरा लाइन से लैस किया। वहीं शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर भी काम किया गया। इतना ही नहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर लगभग आठ हजार शौचालयों का निर्माण किया गया। शहर में जगह-जगह स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी पेंटिंग दीवारों पर करायी गयी। इससे शहर की सुंदरता में चार चांद लग गए। निगम की सुविधाएं आनलाइन की गईं। अधिकारी व कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से शुरू की गई।
कैंट क्षेत्र के कई चौराहों को पूरी तरह से संवार दिया गया। बेगमपुल पर आबूलेन की एंट्री पर बने तिकोने को तोड़कर यहां पर सुंदर निर्माण कर दिया है। आबूलेन बनने के बाद पहली बार यहां पर बोर्ड लगाया गया। सोफिया स्कूल चौराहे पर जहां सुंदर स्टेच्यू लगाए गए, वहीं माल रोड पर सप्लाई डिपो चौराहे की सूरत बदल गई।
पाइपों से बना दिया सुंदर डिवाइडर
सप्लाई डिपो चौराहे से डेयरी फार्म मवाना रोड तक सड़क के बीच में डिवाइडर नहीं होने से अक्सर हादसे होते थे। कैंट बोर्ड ने यहां पर पुराने पाइपों को काटकर डिवाइडर बना दिया। उनमें सुंदर पौधे लगा दिए। अब इस रोड पर अलग ही नजारा दिखता है। इसके साथ ही डेयरी फार्म तिराहे को सेल्फी प्वाइंट के रूप में तब्दील कर दिया। सूखे पेड़ को शानदार ढंग से सजाकर यहां पर वुड पार्क बना दिया गया।
कंपनी गार्डन बना और खूबसूरत
कंपनी गार्डन में इस साल बच्चों के पार्क में महापुरुषों की कलाकृतियां बनी तो वे सबके आकर्षण का केंद्र बन गईं। अब लोग यहां परिवार के साथ आते हैं तो खूब सेल्फी लेते हैं। सुंदर आकृतियां बच्चों का मन मोहने के साथ ही देश के महापुरुषों को जानने का मौका भी देती हैं।