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world photography Day: फोटोग्राफी के लिए ऐसी दीवानगी, 220 किलोमीटर दूर जाकर खींची दुर्लभ तस्वीरें
Wed, 19 Aug 2020 08:06 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 19 Aug 2020 08:06 PM IST
सार
- - मंडलायुक्त की अविस्मरणीय है 220 किलोमीटर दूर जाकर खींची फोटो
- - डीटीओ दुष्यंत ने पर्वत श्रंखला की फोटो खींचकर बनाई अलग पहचान
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मंडलायुक्त संजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
आज विश्व फोटोग्राफी दिवस है। बहुत लोगों में फोटोग्राफी के प्रति ऐसी दीवानगी है कि वह हर समय दुर्लभ क्षणों को कैमरे में कैद करने के लिए तैयार रहते हैं। इसके लिए वह सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करने से भी परहेज नहीं करते।
संजय कुमार द्वारा खींची गई तस्वीर
- फोटो : amar ujala
यादगार है लखनऊ से इटावा जाकर खींची वह फोटो
मंडलायुक्त संजय कुमार को करीब 10 साल की उम्र से फोटोग्राफी का शौक रहा है, जब वह दिल्ली में पढ़ाई करते थे और स्कूल के नेचर क्लब में थे। 1988 में जिद करके पिता से पहली बार कैमरा खरीदवाया था। बीकाम ऑनर्स करने के दौरान भी नेचर क्लब में सक्रियता रही और वहां वह सचिव भी रहे।
सिविल सर्विस में चयनित होने पर मसूरी एकेडमी में नेचर क्लब में सक्रिय रहे। फोटोग्राफी के शौक की खातिर जिम कार्बेट, राजाजी पार्क के अलावा उत्तराखंड में पहाड़ियों पर खूब भ्रमण किया।
मंडलायुक्त संजय कुमार को करीब 10 साल की उम्र से फोटोग्राफी का शौक रहा है, जब वह दिल्ली में पढ़ाई करते थे और स्कूल के नेचर क्लब में थे। 1988 में जिद करके पिता से पहली बार कैमरा खरीदवाया था। बीकाम ऑनर्स करने के दौरान भी नेचर क्लब में सक्रियता रही और वहां वह सचिव भी रहे।
सिविल सर्विस में चयनित होने पर मसूरी एकेडमी में नेचर क्लब में सक्रिय रहे। फोटोग्राफी के शौक की खातिर जिम कार्बेट, राजाजी पार्क के अलावा उत्तराखंड में पहाड़ियों पर खूब भ्रमण किया।
संजय कुमार द्वारा खींची गई तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मंडलायुक्त संजय कुमार ने बताया कि 2018 में जब वह सचिव राजस्व थे, तो इटावा से मित्र संजीव चौहान ने कॉल कर बताया कि सारस के दो अंडों में से एक अंडे से बच्चा निकल आया है, जबकि दूसरे अंडे से भी बच्चा निकलने वाला है।
तब सुबह छह बजे वह लखनऊ से एक्सप्रेस-वे पर निकले और करीब 220 किलोमीटर का सफर कर इटावा पहुंचे। करीब तीन घंटे तक तालाब किनारे टकटकी लगाए बैठे रहे, तब जाकर अंडे से सारस
के बच्चे के निकलने की दुर्लभ तस्वीर कैमरे में कैद की। वह तस्वीर अविस्मरणीय है, जिसे देख मन आनंदित हो उठता है।
तब सुबह छह बजे वह लखनऊ से एक्सप्रेस-वे पर निकले और करीब 220 किलोमीटर का सफर कर इटावा पहुंचे। करीब तीन घंटे तक तालाब किनारे टकटकी लगाए बैठे रहे, तब जाकर अंडे से सारस
के बच्चे के निकलने की दुर्लभ तस्वीर कैमरे में कैद की। वह तस्वीर अविस्मरणीय है, जिसे देख मन आनंदित हो उठता है।
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दुष्यंत कुमार द्वारा खींची गई तस्वीर
- फोटो : amar ujala
पर्वत श्रृंखला की फोटो ने दिलाई पहचान
आयकर विभाग में तैनात डीटीओ दुष्यंत कुमार ने 2002 में रेलवे में नौकरी लगने के बाद फोटोग्राफी के सपने को साकार करने के लिए 2004 में कैमरा खरीदा। लॉकडाउन के दौरान पर्वत शृंखला की फोटो खींची, जो खूब वायरल हुई। वह अपने परिवार के साथ ही दोस्तों की शादियों में भी अपनी फोटोग्राफी के शौक को पूरा करते रहे हैं।
आयकर विभाग में तैनात डीटीओ दुष्यंत कुमार ने 2002 में रेलवे में नौकरी लगने के बाद फोटोग्राफी के सपने को साकार करने के लिए 2004 में कैमरा खरीदा। लॉकडाउन के दौरान पर्वत शृंखला की फोटो खींची, जो खूब वायरल हुई। वह अपने परिवार के साथ ही दोस्तों की शादियों में भी अपनी फोटोग्राफी के शौक को पूरा करते रहे हैं।
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डॉ. विवेक बनर्जी द्वारा खींची गई तस्वीर
- फोटो : amar ujala
चिकित्सा के साथ-साथ फोटोग्राफी
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक बनर्जी 30 साल से चिकित्सा सेवा में हैं, साथ ही वह फोटोग्राफी का शौक भी रखते हैं। उन्हें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी सबसे ज्यादा पसंद है।
जंगल में शेर, बाग, चीता, हाथियों के विचरण की तस्वीरों का बड़ा कलेक्शन उनके पास है। उन्होंने अस्पताल में खुद की खींची तस्वीरों को फ्रेम करके लगवाया हुआ है। जब भी वक्त मिलता है कैमरा उठाकर अपने साथियों के साथ जंगलों में निकल जाते हैं।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक बनर्जी 30 साल से चिकित्सा सेवा में हैं, साथ ही वह फोटोग्राफी का शौक भी रखते हैं। उन्हें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी सबसे ज्यादा पसंद है।
जंगल में शेर, बाग, चीता, हाथियों के विचरण की तस्वीरों का बड़ा कलेक्शन उनके पास है। उन्होंने अस्पताल में खुद की खींची तस्वीरों को फ्रेम करके लगवाया हुआ है। जब भी वक्त मिलता है कैमरा उठाकर अपने साथियों के साथ जंगलों में निकल जाते हैं।