दिन रविवार, समय सुबह 9 बजकर पचास मिनट। मेरठ के भावनुपर निवासी बिजेंद्र सिंह की पत्नी अमीषा उर्फ सीमा अपने घर में चूल्हे पर काम कर रही थी। अमीषा का देवर देवेंद्र वहां पहुंचा और भाभी से बीमार पड़ोसन का खाना बनाने को लेकर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद देवेंद्र ने एक मिनट में जान लेने की धमकी देकर भाभी अमीषा की गोली मार दी। आगे स्लाइड्स में जानें आखिर कैसे बीमार पड़ोसन के बच्चों का खाना बनाने पर हिस्ट्रीशीटर ने कर डाली भाभी की हत्या: -
रोटी पर रिश्तों का कत्ल, गुस्साए देवर ने तमंचा निकाला, भाभी को खींचा और पेट से सटाकर मार दी गोली
कमरे से लाया तमंचा.. चूल्हे पर खाना बना रही भाभी को खींचा
हिस्ट्रीशीटर देवेंद्र की भाभी से कहासुनी के बाद अपनी बहन से भी बहस हो गई। जिसके बाद देवेंद्र कमरे में गया और तमंचा लाकर घर के आंगन में आ गया। देवर के हाथ में तमंचा देख अमीषा जान बचाने के लिए जैसे ही कमरे की तरफ दौड़ी तो देवेंद्र ने उसे खींचकर धमकी दी कि आज निपटाकर ही रहूंगा। जिसके बाद देवेंद्र ने भाभी के पेट से तमंचे से सटाकर गोली चला दी। खून से लथपथ अमीषा जमीन पर गिर पड़ी। ननद उससे लिपटकर रोने लगी। देवेंद्र ने धमकी दी कि एक और गोली मारता हूं, जिससे ये बच नहीं सके।
जो बीच में आया, उसे भी मार दूंगा
पहले शोरशराबा और फिर गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण बिजेंद्र के घर पहुंचे तो खून से लथपथ अमीषा को पड़ा देख दहशत में आ गए। हत्यारोपी देवेंद्र ने तमंचे से हवाई फायर किया। धमकी दी कि जो बीच में आया उसे भी मार दूंगा। उसके बाद फरार हो गया।
तुरंत उपचार मिल जाता तो बच जाती जान
अमीषा करीब 45 मिनट तक जान बचाने के लिए तड़पती रही। वह तड़पते हुए ही ग्रामीणों से गुहार लगाती रही कि मुझे अस्पताल में ले चलो। मेरे दो छोटे बच्चे हैं, उनका क्या होगा। लेकिन ग्रामीणों में इतनी दहशत थी कि कोई एक कदम तक नहीं हिला। बहन की सूचना पर बिजेंद्र खेत से घर पहुंचा तो तुरंत उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने अमीषा को मृत घोषित कर दिया। यदि अमीषा को समय से उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
बच्चों की बनाई थी रोटी
पुलिस के अनुसार अमीषा ने पति बिजेंद्र को बताया था कि पड़ोसी सतवीर की पत्नी रजनी काफी समय से बीमार चल रही है। रजनी के छोटे बच्चे हैं। शनिवार को वह पड़ोसी रजनी के घर में खाना बनाने गई थी। इसी पर देवर देवेंद्र ने जान से मारने की धमकी दी थी। देवेंद्र ने पड़ोसी रजनी का नाम लेकर जातिसूचक शब्द भी कहे थे। अमीषा ने पति से कहा कि बहुत देर हो गई। तुम मेरे बच्चों को बचा लेना। तुम्हारा भाई देवेंद्र शराब के नशे में धुत आया। पहले धमकी दी और फिर गोली मार दी।
हिस्ट्रीशीट संख्या 144 ए
पुलिस के अनुसार देवेंद्र की भावनपुर थाने में हिस्ट्रीशीट संख्या 144 ए है। उस पर थाना खतौली में डकैती के दौरान हत्या, किला परीक्षितगढ व भावनपुर थाने में हत्या का एक-एक मुकदमा, भावनपुर थाने में ही जानलेवा हमले के एक दर्जन मुकदमे समेत 22 मुकदमे हैं। देवेंद्र की मां जगमाली गांव की प्रधान रही है। देवेंद्र की मां और पिता तेजपाल की मौत हो चुकी है। अमीषा के दो बेटे अनमोल (7) और कनक (5) हैं।
देरी से पहुंची पुलिस, एसओ को घेरा
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे एसओ भावनपुर का घेराव कर हंगामा किया। कहा कि वारदात की सूचना पुलिस को तुरंत दे दी थी। लेकिन उसके बावजूद पुलिस जल्दी नहीं पहुंची। यदि पुलिस समय से पहुंचती तो अमीषा की जान बच सकती थी और देवेंद्र भी पकड़ा जाता। देवेंद्र तमंचा लहराकर फरार हुआ था। बाद में सीओ ने ग्रामीणों से कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी।
कौन करता उसका मुकाबला
सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया और एसओ भावनपुर ने जब मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की तो ग्रामीणों ने कहा कि जिस हिस्ट्रीशीटर का पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकी, उसका गांव में कौन मुकाबला करता। उसके सिर पर तो हर समय खून सवार रहता है।