कोरोना पर नियंत्रण को लेकर शादियों के आयोजनों के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपना चुका है। लेकिन शादियों में शामिल होने वाले मेहमान और मेजबान दोनों ही कोरोना के खौफ से बेखबर हैं।
कोरोना से बेखौफ: शादी में नोटों के साथ उड़ीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, धड़ाधड़ दर्ज हुए मुकदमे
खास तौर पर पश्चिमी यूपी के जिन जनपदों में कोरोना के संक्रमितों की संख्या बढ़ी है वहां स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ पुलिस भी एक्शन मोड में है।
बुधवार को देवउठनी एकादशी के साथ बैंड-बाजा-बरात की शुरुआत हुई लेकिन मेजबान और मेहमान जश्न में ऐसे डूबे कि न मास्क की खबर रही, न दो गज दूरी का ध्यान।
मेरठ में बुधवार को एक हजार जोड़े शादी के बंधन में बंधे। कई स्थानों पर आयोजकों को बरात के साथ साथ पुलिस टीम का भी स्वागत करना पड़ा।
दरअसल, मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए पुलिस ने शहर भर में अभियान चलाया और विवाह मंडपों में जाकर चेकिंग की।
पुलिस ने विभिन्न मंडपों में जाकर लोगों को मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को लेकर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी तो कई जगह कार्रवाई भी की।
711 चालान, 62 मुकदमे दर्ज
मास्क न लगाने वाले और सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बुधवार को शहर में धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज हुए।
एक दिन में 62 मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए है। जिसमें तीन पेट्रोल पंपों के मैनेजर भी शामिल हैं जबकि 711 लोगों के चालान किए गए।