मेरठ में सरधना थाने में शार्ट सर्किट से आग लगने के बाद बेहद जर्जर हो चुके भवन को खाली करा लिया गया है। इसके चलते थाने के पुलिसकर्मियों को तहसील रोड स्थित सैनी धर्मशाला में रात गुजारनी पड़ी। अधिकांश पुलिसकर्मियों में दहशत रही। इसलिए वे रातभर करवट बदलते रहे। कुछ पुलिसकर्मियों ने जान बचने पर राहत महसूस की।
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इसके अलावा ऊर्जा निगम की टीम भी अपने स्तर पर पड़ताल करेगी। यह टीम शार्ट सर्किट या अन्य कारणों की जांच करेगी। थाना परिसर में आग से नुकसान के आंकलन के लिए दमकल विभाग की टीम ने मुआयना किया। मौके पर फोटोग्राफी की। इस दौरान एफएसओ आरके सिंह ने टीम के साथ जले वाहनों और अन्य सामान की जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के दौरान नौ अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग किया गया। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। जले हुए सामान की सूची बनाई जा रही है।
मालखाने में रखे थे पटाखे, लगातार होते रहे तेज धमाके
अब तक की छानबीन में पता चला कि मालखाने में दीपावली के समय जब्त किए गए कुछ पटाखे रखे हुए थे। आग लगने के बाद तेज धमाके के साथ पटाखे भी जलते रहे। धमाकों के बाद पुलिसकर्मी व अन्य लोग दहशत में आ गए। सुबह राख के साथ जले हुए कुछ पटाखे भी दिखाई दिए। सफाई कराने के बाद यहां से कुछ माल मुल्हेड़ा पुलिस चौकी भेज दिया गया।
हादसे के वक्त अपने कार्यालय में नहीं थे थाना प्रभारी
हादसे के वक्त थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी अपने कार्यालय में नहीं थे। यदि वह कार्यालय में होते तो एसी चलाते समय कंप्रेशर फटने से बड़ा हादसा हो सकता था। आग से जनहानि न होने पर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
जले वाहनों में सिपाहियों की थीं पांच बाइकें
आग में साइबर सेल, मालखाना और रसोईघर पूरी तरह जल गया। मालखाने और रसोईघर से रातभर धुआं उठता रहा। माना जा रहा है कि शार्ट सर्किट के बाद रसोईघर में रखे सिलिंडर ने आग पकड़ी और फिर विकराल रूप ले लिया। आग लगने से जले वाहनों में पांच बाइकें सिपाहियों की बताईं जा रही हैं। अन्य वाहन मुकदमों में विचाराधीन वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती पड़ताल में 20 वाहनों के जलने की बात कही जा रही थी, अब जले वाहनों की संख्या 11 बताई जा रही है। फिलहाल, पुलिस और दमकल विभाग की टीम नुकसान के आंकलन में जुटी है।